लखनऊ। देश को मजबूत और स्वावलंबी बनाने के लिए समाज के सामान्य लोगों को आगे बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए सहकारिता के साथ अपनी संस्कृति और समृद्ध परंपरा को समझना होगा। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख (अवध प्रांत) स्वांत रंजन ने कही। वह रविवार को सहकार भारती के दो दिवसीय प्रदेश अभ्यास वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट सीतापुर रोड स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि भारत में सहकारिता की भावना सदियों पुरानी है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आगे बढ़ने में सहयोग देना है। सहकार भारती समाज को स्वावलंबी बनाने के साथ संस्कारवान कार्यकर्ता तैयार कर रही है।
विधान परिषद सदस्य और एसआर ग्रुप के चेयरमैन पवन सिंह चौहान ने युवाओं से नौकरी पाने के साथ रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया। उन्होंने अपने 700 रुपये से शुरू हुए सफर और 18 व्यवसायों में सफलता का अनुभव साझा किया।
अभ्यास वर्ग में लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर, रायबरेली, उन्नाव और हरदोई समेत विभिन्न जिलों के कार्यकर्ता शामिल हुए। अशोक कुमार शुक्ला, शिवेंद्र प्रताप सिंह, रमाशंकर जायसवाल, हिरेंद्र मिश्र, सुरेंद्र सिंह चौहान, संजय सिंह चौहान, राम कुमार दीक्षित और पीयूष कुमार मिश्रा समेत अन्य मौजूद रहे।