लखनऊ। गैस सिलिंडर की किल्लत ने सामान्य घरों से लेकर होटल-रेस्टोरेंट, खानपान की दुकानों-ठेलों तक को प्रभावित कर दिया है। शहर में सड़क किनारे बिकने वाली खाद्य सामग्रियों से हर रोज पेट पूजा करने वालों की संख्या भी लाखों में हैं।
जब गैस सिलिंडर महंगा मिल रहा है तो इससे पकने वाली सभी खाद्य सामग्रियों के दाम भी बढ़ गए हैं। ऐसे में बाटी-चोखा का धंधा बेफिक्र दौड़ रहा है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में हजारों की तादाद में बाटी-चोखे की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने से बिक्री में भी 20-25 फीसदी तक का उछाल आया है।
बालू अड्डे के पास 2007 से बाटी-चोखा का व्यवसाय कर रहे रंजीत शर्मा बताते हैं कि जब से गैस की किल्लत शुरू हुई है, ग्राहकों की संख्या में उछाल आया है, क्योंकि बाटी-चोखा के दाम पहले जैसे ही हैं। इसे पकाने में गैस का इस्तेमाल नहीं होता। यह गोबर के कंडों की हल्की आंच में तैयार की जाती हैं। उन्होंने बताया कि एक हफ्ते से वे 25 फीसदी ज्यादा बाटी तैयार कर रहे हैं।
सपा कार्यालय के सामने आधा दर्जन से अधिक दुकानें हैं, जहां दस दिन से ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। गुप्ता जी बाटी-चोखा वाले की दुकान पर मंगलवार को भी भीड़ रही। चौक, अमीनाबाद, हजरतगंज, आशियाना, गोमतीनगर, आलमबाग, निशातगंज, अलीगंज, विकासनगर, इंदिरानगर, पुराने लखनऊ समेत शहर के अन्य इलाकों में भी यही देखा जा रहा है।
लखनऊ में बढ़ी बाटी-चोखे की बिक्री।
लखनऊ में बढ़ी बाटी-चोखे की बिक्री।
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