लखनऊ। टुड़ियागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लंबे समय से बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन की सुविधा जल्द ही बहाल होने जा रही है। जिलाधिकारी की तरफ से मिले क्रिटिकल केयर फंड के बजट से नई मशीन की खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि अगले तीन कार्य दिवस के भीतर मशीन स्थापित कर दी जाएगी और मरीजों के लिए जांच शुरू हो जाएगी।
टुड़ियागंज सीएचसी में पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन लंबे समय से खराब पड़ी थी, जिससे मरीजों को असुविधा हो रही थी। इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर दबाव बना और डीएम ने हस्तक्षेप किया। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि नई मशीन खरीद ली गई है और जल्द ही स्थापित हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में दो नई अल्ट्रासाउंड मशीनें कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड के तहत खरीदने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। इन मशीनों के आने से जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा बेहतर होगी।
रेडियोलॉजिस्ट की गैर-हाजिरी का मामला
सीएचसी में एनएचएम के तहत संविदा पर तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. वत्स की तैनाती थी। सीएमओ स्तर से डॉ. वत्स को टुड़ियागंज के अलावा सप्ताह में तीन दिन सिविल अस्पताल में भी सेवाएं देने के लिए संबद्ध किया गया था। हालांकि, बीते करीब पांच महीनों से डॉ. वत्स ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को बिना किसी पूर्व सूचना दिए सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करने जाना बंद कर दिया था। इस मसले को भी प्रमुखता से उठाए जाने के बाद डीएम ने अफसरों के पेंच कसे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डॉ. वत्स को में हड़कंप मच गया था, जिसके बाद डॉ. वत्स को नोटिस जारी किया था।