व्यावसायिक शिक्षा मंत्री व मिशन निदेशक के साथ गले में शॉल डाले कैफ (दाएं) व रुद्र (बाएं)।
- फोटो : विभाग।
उत्तर प्रदेश के दो युवा अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के हुनर का प्रदर्शन करेंगे। चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर तक होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता (वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026) में लखनऊ के कैफ खान और लखीमपुर खीरी के रुद्र प्रताप भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। कैफ कार पेंटिंग और रुद्र कंक्रीट कंस्ट्रक्शन में अपना हुनर दिखाएंगे।
कौशल विकास मंत्रालय ने कौशल विकास मिशन के सहयोग से प्रतियोगिता के लिए युवाओं से आवेदन लेकर कौशल परीक्षण कराया था। जिला, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के बाद देशभर से 63 स्किल में 70 युवाओं का चयन हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के कैफ और रुद्र शामिल हैं। चयन के बाद दोनों को संबंधित क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
दोनों ने गुजरात में प्रशिक्षण लिया। हाल ही में दिल्ली में आयोजित समारोह में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल और कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने दोनों प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। भारत की टीम रविवार देर रात शंघाई के लिए रवाना हो गई।
कार पेंटिंग में माहिर हैं कैफ
इंदिरानगर, लखनऊ निवासी ठेकेदार मोहम्मद फहीम के बेटे कैफ ने हाईस्कूल के बाद निजी कार कंपनी की वर्कशॉप में काम शुरू किया। वाहन पर स्क्रैच होने पर पूरे पैनल को पेंट करने के बजाय सैंडिंग और क्लीनिंग के जरिए उसे नया जैसा बनाने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। वह स्केच कलरिंग के नौ मॉड्यूल भी जानते हैं। कंपनी ने उनकी ट्रेनिंग कर कौशल को निखारा। कैफ ने शंघाई से लौटने के बाद आईटीआई से स्किल कोर्स करने का निर्णय लिया है।
हाईराइज निर्माण में सटीकता रुद्र की ताकत
लखीमपुर खीरी के देवीपुरवा निवासी किसान रमेश चंद्र श्रीवास्तव के बेटे रुद्र प्रताप ने बीएससी और सिविल में डिप्लोमा किया है। इसके बाद वह एक कंपनी से जुड़कर अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने लगे। उनका कहना है कि हाईराइज इमारतों में निर्माण के दौरान बेहद सटीकता जरूरी होती है। मामूली कमी भी बड़ी गड़बड़ी का कारण बन सकती है। इंडिया स्किल्स के जरिए आवेदन कर वह विभिन्न चरणों से गुजरते हुए अंतिम सूची में पहुंचे।
10 लाख तक पुरस्कार
प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता को 10 लाख, रजत को आठ लाख और कांस्य पदक विजेता को छह लाख रुपये तक पुरस्कार मिलता है। एक्सीलेंस अवार्ड के तहत दो लाख रुपये और प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञों को दो से तीन लाख रुपये तक दिए जाते हैं।
वैश्विक मंच पर प्रदेश के युवाओं का प्रतिनिधित्व करना हमारे लिए गर्व की बात है। प्रदेश के अन्य युवाओं से भी अपील है कि वे अपने कौशल को बड़े मंच तक ले जाने के लिए इंडिया स्किल्स कॉम्पीटिशन 2026-27 में जरूर हिस्सा लें। इसके लिए 22 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन का अवसर है। आपका हुनर आपकी पहचान बन सकता है। आपको राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सकता है। -पुलकित खरे, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन