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Lucknow News: साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे लखनऊ के दो युवक

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लखनऊ। राजधानी के दो युवकों की साइबर ठगी गिरोह में संलिप्तता सामने आई है। ये दोनों ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। बाराबंकी पुलिस के अनुसार, सुबेहा के मरूई गांव के वीरेंद्र कुमार ने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को सौंप दिया था। इसी खाते के माध्यम से देश के नौ राज्यों में लोगों से करीब 14.68 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
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वीरेंद्र के खाते में कमीशन के तौर पर 1.68 करोड़ रुपये भेजे गए थे। साइबर क्राइम पुलिस की जांच में मास्टरमाइंड के अलावा लखनऊ और बाराबंकी के दो-दो और अमेठी का एक युवक इस कारोबार में शामिल मिला। छह लोगों के खिलाफ साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है और तीन को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, समन्वय पोर्टल पर एक संदिग्ध बैंक खाता सामने आया था। जांच में पता चला कि वीरेंद्र ने 17 जुलाई 2025 को हैदरगढ़ की बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता खुलवाया था। इस खाते में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, अंडमान-निकोबार, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित नौ जगहों से ठगी की रकम मंगवाई गई। वीरेंद्र ने पूछताछ में बताया कि उसने अपना खाता अमेठी के इन्हौंना क्षेत्र के पूरे देवी कोटवा निवासी शिवाकांत तिवारी, हैदरगढ़ के शिवराजपुर के सौरभ तिवारी, कृष्णानगर के प्रेमनगर निवासी आलोक सोनी और कैंट नीलमथा के सुनील भारद्वाज को सौंपा था। आरोपियों ने उसे 10 फीसदी कमीशन देने का वादा किया था।
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टेलीग्राम पर हुआ था संपर्क, लालच में दे दिए बैंक खाते
पुलिस ने आलोक और सुनील को गिरफ्तार कर पूछताछ की। दोनों ने बताया कि टेलीग्राम पर बादशाह नाम के व्यक्ति से उनका संपर्क हुआ था, जिसने म्यूल खाते उपलब्ध कराने की बात कही थी। 26 जुलाई को बादशाह ने इन चारों को लखीमपुर के पलिया स्थित होटल में ठहराया और उनसे एटीएम व पासबुक ले ली थी।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि वीरेंद्र, बादशाह सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच जारी है। खास बात यह है कि आलोक सोनी ने इंडसइंड बैंक का अपना खाता भी गिरोह को दिया था, जिस पर पहले से 11 साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं और करीब 25.35 लाख रुपये की ठगी का रिकॉर्ड मिला है।


कुल नौ ठगी उजागर
महाराष्ट्र के खारघर क्षेत्र से साढ़े तीन लाख, नोएडा से 2.89 करोड़, अंडमान निकोबार द्वीप समूह से 90 लाख, दिल्ली के सीसीपीएस नॉर्थ ईस्ट से 36 लाख, केरल के वेल्लीकुलनगारा से 23 लाख, कोयंबतूर से 1.74 करोड़, तेलंगाना के मक्थाल से 22 लाख, 58.50 लाख और खम्माम से 7.70 करोड़ रुपये की ठगी के मामले इस गिरोह से जुड़े पाए गए हैं।
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