अयोध्या। आठ लाख रुपये की फिरौती के लिए युवक का अपहरण कर गला दबाकर हत्या करने के मामले में दो दोषियों विनय कुमार और गुड्डू निषाद को दोहरा आजीवन कारावास सुनाया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने बृहस्पतिवार को यह फैसला सुनाया। दोनों को सबूत मिटाने के आरोप में तीन साल के कारावास और 90 हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया गया है। न्यायालय ने हत्या और अपहरण के मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त शव को खेत में फेंककर सबूत मिटाने के आरोप में तीन-तीन साल के कारावास की सजा भी दी गई है। अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यह मामला 8 दिसंबर 2015 को दर्ज किया गया था, जब कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के हैबतपुर गांव निवासी मोईन उल्लाह उर्फ माने ने अपने भांजे फैसल के अपहरण की रिपोर्ट लिखाई थी।
आईएसआई एजेंट के नाम पर मांगी थी फिरौती
8 दिसंबर 2015 को मोईन को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को आईएसआई एजेंट बताया और फिरौती के तौर पर आठ लाख रुपये की मांग की। उसने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो फैसल की हत्या कर दी जाएगी। फोन पर कहा गया कि प्रधानी का चुनाव लड़ चुके हो। बहुत पैसा रखे हो। तुम्हारे भांजे फैसल को किडनैप कर लिया गया है। प्रधानी के चुनाव की रंजिश में अपहरण करने की आशंका के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई। अगले दिन फैसल का शव गांव के किनारे शाहिद के खेत में पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई। मृतक के मामा की सूचना के आधार पर थाना कोतवाली नगर के कंघी गली निवासी विनय कुमार व बस्ती जिले के परशुराम पुर थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव निवासी गुड्डू निषाद के विरुद्ध अपहरण करके हत्या करने एवं सबूत मिटाने के मामले में अपराध की धारा बढ़ाई गई।
अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह किए पेश
विवेचना के बाद विनय कुमार और गुड्डू निषाद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष से आठ गवाह और बचाव पक्ष से दो गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना, अपहरण के मामले में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा सबूत छिपाने के मामले में तीन साल का कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।