सीडीआरआई के दो वैज्ञानिकों को आईसीएमआर अवॉर्ड
सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) के वैज्ञानिकों डॉ. अनुराधा दुबे और डॉ. सतीश मिश्रा को बायोमेडिकल साइंस में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रतिष्ठित इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) अवॉर्ड से पुरस्कृत किया गया है।
सीडीआरआई में डिवीजन ऑफ मॉलीक्युलर पैरासिटोलॉजी एंड इम्यूनोलॉजी की फैकल्टी और इंसा की साइंटिस्ट एमरेटस डॉ. अनुराधा दुबे का काला जार बीमारी की प्रतिरक्षा प्रणाली को समझने में महत्वपूर्ण काम किया है। अभी डॉ. दुबे सिंथेटिक पॉलीवेलेंट एवं री-कॉम्बीनेंट केमेरिक वैक्सीन पर काम कर रही हैं। काला जार के इलाज के लिए भी महत्वपूर्ण बायोमार्कर प्रोटीनों की पहचान करने में उन्हें सफलता मिली है।
इसके अलावा मलेरिया वैक्सीन के विकास के लिए डॉ. सतीश मिश्रा को शकुंतला अमीर चंद अवॉर्ड मिला है। डॉ. मिश्रा सीडीआरआई में आणविक परजीवी एवं प्रतिरक्षा विज्ञान विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं। वह मलेरिया के लिए लक्ष्य आधारित दवा की खोज और मलेरिया वैक्सीन विकसित करने पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने वैक्सीन को एक माउस मॉडल में विकसित किया है। इसमें जीन नॉकआउट तकनीक के माध्यम से मलेरिया परजीवी का लिवर में विकास के लिए आवश्यक जीन निकाल दिया गया। इससे भविष्य के संक्रमणों से लड़ने के लिए खुद को तैयार करने के लिए मेजबान प्रतिरक्षा प्रणाली को अधिक समय मिल जाता है। डॉ. मिश्रा मलेरिया लिवर स्टेज बायोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।