लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में पिछले महीने नर्सिंग कर्मी के साथ हुई मारपीट के मामले में जांच पूरी हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर डीन ने दो रेजिडेंट डॉक्टरों को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। वहीं, पूर्व में निलंबित किए गए दो अन्य रेजिडेंट का निलंबन आदेश वापस ले लिया गया है।
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में 21 सितंबर की रात में रेजिडेंट डॉक्टरों ने नर्सिंग अधिकारी शुभम राव की पिटाई कर दी थी। प्रथमदृष्टया जांच के आधार पर केजीएमयू प्रशासन ने चार रेजिडेंट डॉक्टरों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद रेजिडेंट ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इस पर केजीएमयू प्रशासन ने 24 सितंबर को चारों रेजिडेंट का निलंबन स्थगित कर दिया था। अब केजीएमयू प्रशासन ने अपनी जांच पूरी कर ली है। रिपोर्ट के आधार पर डीन प्रो. वीरेंद्र आतम ने आदेश जारी कर डॉ. अश्विनी और डॉ. आयुष का निलंबन हटा लिया है। वहीं, डॉ. अमित शर्मा और डॉ. सतीश कुमार को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। ये सभी हड्डी रोग विभाग के हैं।
अब भी सब कुछ सामान्य नहीं
केजीएमयू में नर्सिंग कर्मी और रेजिडेंट दोनों के बीच अब भी सब कुछ सामान्य नहीं हुआ है। नर्सिंग कर्मी का आरोप है कि रेजिडेंट जानबूझकर मरीज और उनके तीमारदारों के सामने नर्सों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हैं। इससे मरीज और तीमारदार उनके खिलाफ होते हैं। वहीं, रेजिडेंट का कहना है कि नर्सिंग कर्मी अपने काम ठीक से नहीं करते हैं और मरीजों के साथ खराब व्यवहार करते हैं।