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फर्जी मुकदमें में फंसाने के चक्कर में दो ने गंवाई थी जान

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लखनऊ। भाजपा सांसद के बेटे आयुष ने तीन लोगों को फर्जी मुकदमे में फंसाने के लिए खुद पर गोली चलवा दी। गोली उसके सगे साले ने ही चलाई थी। यह राजधानी का पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कुछ लोगोें ने खुद पर हमला करवाया था जिसमें भाजपा नेता प्रत्युष मणि त्रिपाठी व मोबाइल कारोबारी करन गुप्ता उर्फराजन की मौत हो गई थी। वहीं रेलवे ठेकेदार व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र कालिया ने भी खुद पर गोलियां चलवाई थी जिसका खुलासा पुलिस ने कर दिया है।
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पड़ोसियों को फंसाने में गंवाई जान
3 दिसंबर 2019 को भाजपा नेता प्रत्युष मणि त्रिपाठी ने पड़ोसियों को हत्या के प्रयास के मामले में फंसाने व सुरक्षा हासिल करने के लिए खुद पर हमला करवाया। इसके लिए उसने अपने कुछ दोस्तों की मदद ली। उनको पूरी योजना बताई। इसके बाद बादशाहनगर स्टेशन के पास हमला करवाई। ट्रॉमा सेंटर ले जाते समय उसने अपने पड़ोसियों के बारे में बयान भी दिया था। ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो आरोपियों की लोकेशन राजधानी के बाहर मिली।
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इस दौरान एक युवक की शिनाख्त हुई जो नेता की मौत के बाद ट्रॉमा सेंटर पर प्रदर्शन कर रहा था। पुलिस ने उसकी कुंडली खंगाली। इसके बाद एक-एक कर कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज मिले। जिसके आधार पर पुलिस ने इस वारदात का खुलासा किया। पुलिस ने प्रत्युष की हत्या के मामले में उसके चार दोस्तों को दबोच लिया। सभी एक-एक कर अपने बयान में प्रत्युष की साजिश का खुलासा कर दिया।
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कर्ज से बचने के लिए चलवाई गोली
आलमबाग के विक्रमनगर निवासी मोबाइल कारोबारी करन गुप्ता उर्फ राजन की नाका केगैलेक्सी होटल के पास आरके इंटरप्राइजेज के नाम से दुकान थी। 18 जून 2018 की रात को करन दुकान बंद किया। कर्मचारी से बुद्घेश्वर स्थित एक कारोबारी से मिलने की बात कहकर निकला था। रात करीब 12 बजे वह आलमबाग थानाक्षेत्र में रेलवे के कैरिज वैगन वर्कशॉप के पास खून से लथपथ मिला। पुलिस ने ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि बीसी के खेल में करन पर 22 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। इससे बचने के लिए उसने खुद पर हमले की साजिश रची। ताकि रुपये वसूलने का दबाव डालने वालों को फंसा सके। इसके लिए शूटरों को 40 हजार रुपये भी दिये थे। शूटरों ने गोली चलाने में चूक कर दी। गोली सीधे करन के सीने में जा लगी। पुलिस ने इस वारदात का खुलासा एक युवक के मोबाइल वायस रिकार्डिंग से किया। पुलिस ने नौकर सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पूर्व सांसद को फंसाने व गनर के लिए कराया था हमला
मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का करीबी रेलवे ठेकेदार सुरेंद्र कालिया ने पूर्व सांसद व बाहुबली नेता को फंसाने की साजिश रची। इसके लिए उसने खुद पर 14 जुलाई 2019 की देर शाम को अजंता अस्पताल के सामने फायरिंग कराई। बुलेटप्रुफ एसयूवी से चलने वाले सुरेंद्र कालिया पर हमले की बात सामने आई तो पुलिस को गैंगवार का डर सताने लगा। मौके पर कई अधिकारी पहुंचे। वहां पड़ताल शुरू की। पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करते हुए चार शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं सुरेंद्र कालिया सहित चार की तलाश में दबिश दे रही थी। इसी बची कालिया ने कोलकाता में नाटकीय तरीके से अवैध असलहे के साथ खुद को गिरफ्तार करवा लिया। अभी वह कोलकाता के जेल में बंद हैं। शूटरों ने उस पर 13 राउंड गोलियां चलाई थी। योजना के तहत उसने शूटरों को बचाने के लिए भी फूलप्रुफ साजिश रची थी। लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसकी योजना नाकाम रही।
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