अमेठी सिटी। अमेठी कोतवाली क्षेत्र में शनिवार की भोर दो गांवों में जंगली जानवर ने हमला कर एक महिला सहित दो लोगों को घायल कर दिया। महिला को गंभीर हालत में लखनऊ के ट्राॅमा सेंटर भेजा गया है। जबकि दूसरे घायल को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।
हालांकि किस जानवर ने हमला किया, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। माना जा रहा है कि दोनों लोगों पर सियार ने हमला किया है। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीम ने जांच की है, लेकिन उसे किसी जानवर के पदचिह्न नहीं मिले।
कोतवाली अमेठी के गांव कालू का पुरवा निवासी गिरजा शंकर तिवारी की पत्नी आरती (45) वर्ष शनिवार की भोर बच्चों के साथ घर के बाहर बरामदे में सो रही थी। परिजनों के मुताबिक, भोर करीब चार बजे किसी जंगली जानवर ने अचानक आरती पर हमला कर दिया। आरती ने शोर मचाते हुए बचाव किया, लेकिन जानवर ने बुरी तरह काट लिया। शोर सुनकर परिजन जब आरती की ओर उसे बचाने दौड़े तो जानवर भाग गया। परिजनों के मुताबिक हमला करने वाला जानवर भूरे रंग का दिखा था। घटना के बाद आरती को जिला अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख उसे लखनऊ रेफर कर दिया।
दूसरी घटना इसी थाना क्षेत्र के पूरे आसरे तिवारी गांव में हुई। यहां के निवासी अखिलेश शुक्ल घर के बाहर सो रहे थे। शनिवार भोर किसी जंगली जानवर ने हमला कर उन्हें भी घायल कर दिया। जब तक वह कुछ समझ पाए, तब तक जानवर भाग गया। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए। उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इन घटनाओं से दोनों गांवों के लोग दहशत में हैं।
ग्रामीणों की सूचना पर वन दरोगा सुरेंद्र प्रताप व वनरक्षक मोहम्मद शफीक खान शनिवार शाम गांव पहुंचे। टीम ने जंगल क्षेत्र में ग्रामीणों के साथ जंगली जानवर की खोजबीन की। टीम के अनुसार काफी देर बाद सूचना मिली थी। जंगली जानवर के पदचिन्ह नहीं दिखे हैं। हालांकि टीम ने अंदेशा जताया है कि रात में सियार का हमला हो सकता है।
ग्रामीण बोले, इस घटना से लोग परेशान हैं ग्रामीण दिनेश कुमार तिवारी, अमित कुमार शुक्ल, राम बरन तिवारी, पीड़ित परिजन गिरजा शंकर तिवारी आदि ने बताया कि बहराइच आदि जनपदों में भेड़िया के आतंक की घटना से लोग पहले से ही सशंकित हैं। ऐसे में दोनों पड़ोसी गांवों में हुई जंगली जानवर हमले की घटना ने लोगों को परेशान कर दिया है। बताया कि हमला करने वाला जानवर खतरनाक प्रतीत हो रहा है।
कोई पगचिह्न नहीं मिलेवन दरोगा सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि तीन दिन पहले अमेठी के वनकटवा गांव में ग्रामीणों ने रात में भेड़िया निकलने की सूचना दी थी। माैके पर टीम ने ग्रामीणों के साथ आसपास जंगल क्षेत्र में खोजबीन की, लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। कोई भी पगचिह्न नहीं मिले।
इनसेट
सतर्क रहने की अपील
फारेस्टर बृषकेश श्रीवास्तव और वन रक्षक सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि दोनों गांवों में आसपास के जंगलों में खोजबीन की गई। कोई भी पदचिन्ह नहीं मिले हैं। उन्होंने सियार के हमले का अंदेशा जताया है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अगर कहीं भी कोई जंगली जानवर ऐसी घटना करता है तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें।