ट्रॉमा में दौड़ाते रहे डॉक्टर, दो की मौत
लखनऊ। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में बृहस्पतिवार को डॉक्टरों की लापरवाही से बुजुर्ग महिला समेत दो लोगों की जान चली गई। तीमारदारों का आरोप था कि पहले डॉक्टर जांच फिर एक विभाग से दूसरे विभाग दौड़ाते रहे। इस दौरान मरीजों की हालत गंभीर हो गई। समय पर इलाज न मिलने से मरीजों की मौत हो गई। तीमारदारों ने मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर करने की बात कही है।
ऐशबाग मोतीझील कॉलोनी निवासी अमित (22) को मंगलवार को जहरीले कीड़े ने पैर में काट लिया था। इससे पैर में सूजन आ गई थी। भीषण दर्द भी हो रहा था। परिवारीजनों ने उसे पहले बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख उसे बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। मां सावित्री का आरोप है कि ट्रॉमा कैजुअल्टी से दूसरी मंजिल पर बने मेडिसिन विभाग भेजा गया। वहां से फिर वापस कैजुअल्टी भेज दिया गया। इस दौरान करीब पांच घंटे बीत गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे मरीज की इलाज के अभाव में मौत हो गई।
बुजुर्ग महिला ने स्ट्रेचर पर दम तोड़ा
सिर में चोट लगने के बाद अमेठी निवासी कौशल्या देवी 65 को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। दोपहर 12 बजे मरीज को तीमारदार इमरजेंसी लाए। जांच के नाम पर पहले दौड़ाया गया। इसके बाद न्यूरो सर्जरी विभाग भेजा गया। वहां से मरीज को फिर कैजुअल्टी वापस किया गया। आरोप है कि वहां बेड खाली नहीं था। लिहाजा बुजुर्ग महिला को लौटा दिया गया। समय पर मुकम्मल इलाज न शुरू होने से महिला मरीज की मौत हो गई। बहू शकुन्तला का आरोप है कि इलाज के नाम पर सिर्फ डॉक्टर एक विभाग से दूसरे विभाग दौड़ाते रहे। दोपहर दो बजे स्ट्रेचर पर ही मरीज की मौत हो गई। नाराज तीमारदारों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू किया तो गार्डों ने तीमारदारों को ट्रॉमा से बाहर कर दिया।