रिंग रोड के दो अहम चौराहों पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सोमवार को शासन से फ्लाईओवर के प्रस्ताव पास हो गए।
शासन की व्यय समिति ने सोमवार को इन पुलों के निर्माण के लिए सहमति दे दी। इनमें से एक पुल टेढ़ी पुलिया चौराहे पर और दूसरा राम-राम बैंक चौराहे पर बनेगा।
यहां पर बड़े वाहनों और शहरी आबादी के आवागमन की वजह से सुबह से लेकर देर रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है।
दोनों ही पुलों के लिए नोडल एजेंसी लखनऊ विकास प्राधिकरण और कार्यदायी संस्था राज्य सेतु निर्माण निगम होगी।
अखिलेश यादव जब प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, तब राजधानी की सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए एलडीए ने एक सिटी ट्रैफिक प्लान बनाया था।
इस प्लान के तहत शहर में अधिक यातायात वाले चौराहों पर पुल बनाने का प्रस्ताव शासन के समक्ष रखा गया था।
तब सबसे पहले डालीगंज क्रासिंग, पुरनिया क्रासिंग और अर्जुनगंज क्रासिंग पर रेलवे ओवर ब्रिज पास किए गए थे। माल एवेन्यू पर आरओबी बाद में प्रदेश सरकार के बजट में पास किया गया।
उस समय की प्लानिंग में भी टेढ़ी पुलिया और रामराम बैंक चौराहे पर फ्लाईओवर का प्रस्ताव था लेकिन तब उन्हें स्वीकृति नहीं मिली थी।
शहरी समग्र विकास योजना से बनाएंगे प्राधिकरण के चीफ इंजीनियर आरके शुक्ल ने बताया कि, इन दोनों ही पुलों को शहरी समग्र विकास योजना के बजट से बनाया जाएगा।
दोनों पुलों को बनाने में करीब 70 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इन दोनों पुलों के निर्माण के लिए शासन और प्राधिकरण के बीच बजट फाइनल करने के लिए पत्राचार जारी है।
उन्होंने बताया कि टेढ़ी पुलिया चौराहे पर जाम खत्म करने के लिए चौराहे से थोड़ा पहले पुल शुरू होगा। टेढ़ी पुलिया को पार करते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर जाने वाले रास्ते पर करीब 400 मीटर तक जाएगा।
इसी तरह से रामराम बैंक चौराहे के थोड़ा पहले से पुल शुरू होगा और वह चौराहा पार करते हुए आगे जाकर सीतापुर रोड से जुड़ने वाले आरओबी को टच करेगा।
ऐसे में जो वाहन चालक सीधे सीतापुर रोड जाना चाहते हैं वे पुल के ऊपर ऊपर ही निकल जाएंगे। इससे नीचे की रोड पर जाम की समस्या नहीं होगी।
पुलों का निर्माण शुरू होने के बाद इनका काम पूरा होने में करीब दो साल का समय लगेगा।