विभूतिखंड थाना में बाइक किराये पर लगाने का झांसा देकर ठगी करने वाली हेलो राइड कंपनी पर ठगी के दो और मुकदमे दर्ज किए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार द्विवेदी ने बताया कि कंपनी के खिलाफ गोरखपुर और प्रयागराज के दो युवकों ने केस दर्ज कराया है।
कंपनी के चेयरमैन अभय कुशवाहा को पुलिस बीते दिन गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है जबकि अन्य अधिकारी व कर्मचारी भागे हुए हैं। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रयागराज के धूमनगंज निवासी शिवनारायन सिंह ने कंपनी में 1.83 लाख रुपये और गोरखपुर के बांसगांव निवासी आशीष कुमार सिंह ने 61 हजार रुपये निवेश किए थे।
आशीष ने बताया कि उसका परिचित सुल्तानपुर निवासी रामजनम मौर्या हेलो राइड कंपनी में काम करता है। उसने ही कंपनी की योजना के बारे में जानकारी दी थी। उसके कहने पर आशीष ने कंपनी की वेबसाइट हेलो राइड डाट को डाट इन खोलकर देखी, जिसमें 61 हजार रुपये देकर प्रति महीने 9585 रुपये कमाने की योजना के बारे में बताया गया था।
वह लखनऊ आकर कंपनी के साइबर हाइट्स टॉवर स्थित ऑफिस आकर चेयरमैन अभय कुशवाहा, निदेशक नीलम वर्मा, निखिल कुशवाहा व आजम अली से आकर मिला। चेयरमैन का कहना था कि कंपनी की योजना में निवेश करने पर सीधी आमदनी का पांच प्रतिशत व पेपर बोनस का 10 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा।
उसकी बातों के जाल में फंसकर आशीष ने पांच जुलाई 2018 को 61 हजार रुपये नकद दे दिए। इसके बदले रामजनम मौर्या ने उसकी एक आईडी और पासवर्ड बना दिया। हालांकि, उसे एक बार भी हर महीने मिलने वाली रकम नहीं दी गई।
उसने कंपनी के ऑफिस आकर अपना रुपया मांगा तो गाली-गलौज व मारपीट करते हुए भगा दिया गया। आशीष ने क्षेत्राधिकारी गोमतीनगर अवनीश्वर श्रीवास्तव से संपर्क किया जिसके बाद एफआईआर दर्ज हुई।
देशभर में अरबों रुपये कमाने की थी योजना
ठग अभय कुशवाहा और उसके साथियों ने हेलो राइड कंपनी के माध्यम से देशभर से अरबों रुपये कमाने का लक्ष्य तय किया था। उसने फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार में हेलो राइड के नाम से ऑफिस शुरू किए थे। भविष्य में देश के हर प्रदेश में उसने हेलो राइड का ऑफिस खोलकर लोगों को ठगने की योजना बनाई थी।
रसीद मांगने पर कहा लॉन्चिंग कार्यक्रम के बाद देंगे
ठग अभय कुशवाहा ने कभी किसी को रुपये देने की रसीद नहीं दी। लोग रसीद मांगते तो वह कंपनी की लॉन्चिंग होने के बाद देने की बात कहकर टाल देता। आशीष ने बताया कि ठगों ने नौ जुलाई 2018 को कंपनी की लॉन्चिंग इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में की थी। इसके बावजूद किसी को रसीद दी गई न ही कंपनी की बाइक सड़क पर नजर आईं।
एसटीएफ ने चेयरमैन को पकड़कर की थी वसूली!
ठगी के शिकार लोगों ने बताया कि हेलो राइड कंपनी के फर्जीवाड़े की शिकायत एसटीएफ से की गई थी। एसटीएफ ने चेयरमैन अभय कुशवाहा को उठाया और कुछ घंटे बाद छोड़ दिया। पीड़ितों का कहना है कि एसटीएफ ने मोटी रकम लेकर उसे छोड़ दिया था। इसके बाद अभय ने कुछ दिन तक वेबसाइट बंद कर दी थी। निवेशकों की आईडी भी ब्लाक कर दी गई। करीब 20 दिन बाद फिर से वेबसाइट और आईडी शुरू कर दी गईं।