बीते सप्ताह पंचम तल पर कैबिनेट की मीटिंग चल रही थी तो चौथे तल पर दो राज्यमंत्री आपस में ही भिड़े हुए थे।
मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे ‘माननीयों’ को चौथे तल पर बैठाया गया था। इस दौरान दो राज्यमंत्रियों में तू-तू-मैं-मैं हो जाने से अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई।
हुआ यूं कि मुख्यमंत्री से मिलने की उम्मीद में करीब एक दर्जन राज्यमंत्री व दर्जा प्राप्त मंत्री एनेक्सी पहुंचे थे। कैबिनेट खत्म होने तक उन्हें चौथे तल के मीटिंग हाल में इंतजार करने के लिए कहा गया।
इस बीच वेस्ट यूपी से ताल्लुक रखने वाले दर्जा प्राप्त मंत्री के पास उनके विभाग के प्रमुख सचिव का फोन आया। ये प्रमुख सचिव पिछली सरकार में बसपा सुप्रीमो के खास माने जाते थे। दूसरे दर्जा प्राप्त मंत्री ने पूछा, किसका फोन था?
उन्होंने बड़ी साफगोई से न सिर्फ प्रमुख सचिव का नाम बताया बल्कि उनकी तारीफ भी कर दी।
इस बीच वेस्ट यूपी के ही एक राज्यमंत्री ने प्रमुख सचिव की प्रशंसा करने पर दर्जा प्राप्त मंत्री पर टिप्पणी कर दी कि अब तो उनकी निष्ठा के बारे में सोचना पड़ेगा।
फिर क्या था, दर्जा प्राप्त मंत्री बिफर पड़े। कहा, उनकी निष्ठा पर अंगुली उठाने वाले वह कौन होते हैं? 40 साल से राजनीति में हैं, कभी उंगली नहीं उठी। जैसे-तैसे वहां बैठे दूसरे लोगों ने दोनों को शांत किया।