रात करीब 12 बजे फन मॉल की तरफ से दोनों लोहिया अस्पताल जाने वाले ओवरब्रिज पर चढ़े। पुलिस के मुताबिक, बाइक की गति अधिक थी। ओवरब्रिज के ऊपर मोड़ पर स्पीड ब्रेकर से बाइक उछल गई और रेलिंग से जा टकराई। सतेंद्र और प्रमोद ओवरब्रिज से नीचे गिर पड़े जबकि बाइक रेलिंग पर फंस गई।
दोनों को तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने बताया कि युवकों ने हेलमेट नहीं लगाया था। दोनों जमीन पर गिरे और उनके सिर फट गए। अत्यधिक खून बहने से उनकी मौत हो गई। पुलिस को शक है कि युवक शराब के नशे में थे। पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजन दोनों के शव लेकर पैतृक स्थान चले गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सतेंद्र और प्रमोद ओवरब्रिज से नीचे गिरने के बाद काफी देर तक तड़पते रहे। इस बीच राहगीरों का मजमा लग गया। यूपी 100 सेवा को फोन से हादसे की सूचना देने के बाद लोग दोनों को अस्पताल ले जाने के बजाए खड़े होकर तमाशा देखते रहे। वहीं, घटनास्थल से पॉलीटेक्निक चौराहा तक जाम लग गया। सड़क के बीच कार और बाइक आड़ी-तिरछी खड़ी करके लोग मौके पर पहुंच गया।
त्यौहार के दिन हादसे में सतेंद्र और प्रमोद की मौत की खबर सुनकर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। रात को ही रोते-पीटते परिवारीजन लखनऊ पहुंच गए। सतेंद्र के बड़े भाई धर्मेंद्र ने बताया कि उसके पिता हरिशंकर का देहांत हो चुका है।
सतेंद्र की 28 अप्रैल को ही शादी हुई थी। पत्नी मनकापुर स्थित ससुराल में रहती है। सतेंद्र यहां अकेला रहता था। उधर, प्रमोद के भाई पंकज ने बताया कि उसकी शादी की बात चल रही थी। परिवार में उसके अलावा पिता हरिप्रसाद व मां नीलम हैं।