अयोध्या में दीपोत्सव पर जलाए जाने वाले 5 लाख 51 हजार दीयों में महिला स्वयं सहायता समूहों की बड़ी भूमिका होगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित एसएचजी को दो लाख दीयों और बाती का आर्डर दिया गया है। महिलाओं ने बीते एक महीने में दिन रात मेहनत कर रामनगरी को जगमगाने के लिए दीये तैयार किए हैं।
अयोध्या जिले के मसौदा विकास खंड के प्रजापति स्वयं सहायता समूह ने एक लाख, मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह ने 50 हजार और आरती महिला स्वयं सहायता ने 50 हजार दीपक तैयार किए हैं। आरती स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 40 हजार डिजाइनर दीपक तैयार किए हैं। मोहम्मद शाह बाबा स्वयं सहायता समूह की ओर से 3 लाख 50 हजार रुई की बत्ती बनाई गई है। एसएचजी के एक दीये की कीमत 1.50 रुपये और डिजाइनर दीये की कीमत तीन रुपये निर्धारित की है।
मिशन के निदेशक सुजीत कुमार ने बताया कि एसएचजी को इलेक्ट्रिक चाक दिए गए हैं। महिलाओं ने इलेक्ट्रिक चाक से सामान्य और डिजाइनर दीपक तैयार किए हैं। उन्होंने बताया कि दो लाख दीये तो अयोध्या में दीपोत्सव के लिए दिए जा रहे हैं। जबकि महिलाओं ने करीब सात लाख से अधिक दीये बाजार में भी बेचे हैं। दीपक और बाती से एसएचजी को तीन लाख रुपये से ज्यादा की आय होगी।