निगोहां कस्बे में नगराम मोड़ स्थित एक निर्माणाधीन मकान के शौचालय टैंक में शनिवार को शटरिंग खोलने उतरे दो मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गए।
सूचना पर सीओ और प्रभारी निरीक्षक घटनास्थल पर पहुंचे। जेसीबी से टैंक तोड़वाकर दोनों मजदूरों को निकालकर पुलिस ने मोहनलालगंज सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
परिवारीजनों ने कई घंटे तक हाईवे पर हंगामा किया। इससे लखनऊ-प्रयागराज हाइवे लगभग एक घंटे तक आंशिक रूप से बाधित रहा।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हृदयेश कुमार ने परिवारीजनों को समझाक शांत कराया। बुद्धिलाल के परिवार में मां व पत्नी के अलावा पुत्री मानसी, प्रियांशी और पुत्र शिवांशु है।
नगराम मोड़ चौराहे के पास स्थित निर्माणाधीन मकान के बेसमेंट में शौचालय का टैंक बना है। शनिवार को करनपुर निवासी कारीगर बुद्धिलाल (35) शटरिंग खोलने टैंक में उतरा था।
टैंक में भरे पानी में गैस बनने से बुद्धिलाल का दम घुटने लगा। उसने आवाज लगाई तो पास में मौजूद करनपुर का ही उसका साथी संतोष (22) बचाने के लिए टैंक में उतर गया।
मगर संतोष भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। अन्य मजदूरों ने निगोहां पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में सीओ निगोहां नईमुल हसन व प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर पहुंच गए।
इस बीच परिजनों ने जेसीबी मंगाकर टैंक तुड़वाना शुरू कराया। दमकल लेकर पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने टैंक में पानी की धार मारकर गैस को खत्म किया।
इसके बाद बुद्धिलाल व संतोष को निकालकर पुलिस के वाहन से सीएचसी मोहनलालगंज पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने दोनों मृत घोषित कर दिया। सूचना पर तहसीलदार मोहनलालगंज संदीप त्रिपाठी ने भी मौका मुआयना किया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
बुद्धिलाल की मौत से मां विद्या देवी व पत्नी मुन्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं, संतोष ने तो बुद्धिलाल को बचाने में जान गवां दी। परिवारीजनों ने निगोहां पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नगराम मोड़ चौराहे पर हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि सूचना देने पर भी पुलिस काफी देर से पहुंची। यदि पुलिस समय से पहुंचकर बचाव कार्य कराती तो शायद दोनों की जान बच जाती।