कोरोना काल में मरने वालों के नाम से फर्जी पैन और आधार कार्ड बनाकर करोड़ों का लोन लेकर हड़पने वाले दो जालसाजों को विभूतिखंड पुलिस ने शनिवार की शाम गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान रायबरेली निवासी मृगांक सहाय और मिल एरिया निवासी अभिषेक भारती के रूप में हुई है। दोनों के एक साथी की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक निजी बीमा कंपनी का पूर्व एजेंट है। आरोपियों के पास से फर्जी लोन से ली गई बुलेट बाइक और कार भी बरामद हुई है।
डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह के मुताबिक, आरोपियों ने कई बैंक से 50-50 लाख का लोन लिया था। पिछले दिनों जालसाजों ने कानपुर रोड स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा में एक करोड़ का लोन अप्लाई किया।
शक होने पर बैंक प्रबंधन ने पिछले लोन समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की तो मामला संदिग्ध निकला। इस पर बैंक मैनेजर अतुल भारती ने विभूतिखंड थाने में फर्जी दस्तावेज लगाकर लोन लेने का मुकदमा दर्ज कराया था।
डीसीपी के मुताबिक, मृगांक एक निजी बीमा कंपनी में एजेंट था। इसके चलते कोरोना काल में हुई लोगों की मौत का ब्यौरा उसके पास था। इसमें आधार कार्ड और पैन कार्ड से लेकर बैंक अकाउंट और सैलरी स्लिप तक थी।
इसका फायदा उठाकर ही उसने कोरोना में जान गंवाने वालों के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल, छह फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड, तीन बैंकों के एटीएम कार्ड, सौ से ज्यादा अलग-अलग बैंक पासबुक और चेक बुक बरामद हुई हैं।