परिवहन मंत्री ने कहा कि रात को बस चलाने वाले चालक को झपकी आए तो वह एलर्ट हो जाए, इसके लिए तकनीकी डिवाइस की खोजबीन की जाएगी। यह डिवाइस चालक को नींद आने पर उसको जानकारी दे सकेगी। इस संबंध में निगम के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए गये हैं।
साफ्टवेयर से लगेगी ड्यूटी
प्रबंध निदेशक धीरज साहू ने बताया कि डिपो के चालक एवं परिचालक की निष्पक्ष एवं पारदर्शिता से ड्यूटी अब साफ्टवेयर से लगेगी। साफ्टवेयर से लगने वाली चालक एवं परिचालक की ड्यूटी में उच्च अफसर से सलाह लिए बगैर कोई बदलाव नहीं होगा।
परिवहन मंत्री ने बुधवार से यात्री सुविधाओं एवं सुरक्षा के लिए जो व्यवस्था लागू की वह पहले से ही प्रभावी थी। लेकिन परिवहन निगम के उच्च अफसरों की लापरवाही के कारण उस पर अमल नहीं कराया जा रहा था। तत्कालीन प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम ने साफ्टवेयर से चालक व परिचालक की ड्यूटी लगाने का इंतजाम किया था। बस की लोकेशन आसानी से मिलने लगी थी।
ये निर्देश भी दिए गए
- प्रदेश भर के चालकों की सालाना शिविर लगाकर आंखों की जांच कराएं
- रात 3 से तड़के 6 बजे तक यातायात निरीक्षक बस की जांच करेंगे
- चालक एवं परिचालक के अड्डे, डिपो पर आराम करने के इंतजाम होंगे
- चालक व परिचालक का ड्यूटी चार्ट उच्च अफसरों को मुहैया कराएंगे
- बस के मेंटेनेंस एवं सुरक्षा उपकरण की अनदेखी पर कार्रवाई होगी