रायबरेली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से संविदा पर जिला अस्पताल में तैनात दो फिजीशियन चिकित्सकों ने इस्तीफा दे दिया है। चर्चा है कि चिकित्सकों ने ओपीडी के साथ ही इमरजेंसी में ड्यूटी लगाने पर इस्तीफा दिया है। इस्तीफे के बाद फिजीशियन चिकित्सकों की संख्या घटकर दो रह गई है। सीएमएस ने शासन को पत्र भेजकर फिजीशियन चिकित्सकों की मांग की है।
जिला अस्पताल में एनएचएम से डॉ. अशोक कुमार व डॉ. प्रांजल की तैनाती की गई थी। इसके अलावा डॉ. अशोक वर्मा व डॉ. प्रदीप वर्मा रेगुलर चिकित्सक के रूप में तैनात हैं। अब तक फिजीशियन चिकित्सकों की संख्या चार थी। मरीज भी इसी विभाग में ज्यादा आते हैं। फिजीशियन डॉ. अशोक व प्रांजल ने इस्तीफा दे दिया है।
इस्तीफे में स्पष्ट किया है कि काम अधिक होने के कारण वह काम करने में समर्थ नहीं हैं। आरोप है कि ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में भी गंभीर मरीज के आने पर आना पड़ता है। दोनों चिकित्सकों ने पहले से ही इमरजेंसी में ड्यूटी न करने की चेतावनी दी थी।
दो फिजीशियनों के इस्तीफे के बाद ओपीडी में काम प्रभावित हो गया है। ओपीडी में सिर्फ दो फिजीशियन चिकित्सक ही बचे हैं। इस्तीफा देने वाले चिकित्सक मंगलवार को ओपीडी में नहीं बैठे। डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सीएमएस ने शासन को पत्र भेजा है।
सीएमएस डॉ. महेंद्र मौर्या ने बताया कि दो चिकित्सकों ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि दो रेगुलर फिजीशियन काम कर रहे हैं। इससे ओपीडी में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन शासन को पत्र भेजकर चिकित्सकों की मांग की गई है।
फिर सर्वर गायब, मात्र 21 परचे बचे
जिला अस्पताल में ऑनलाइन परचा बनाने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को भी सुबह एक घंटे चलने के बाद सर्वर ने धोखा दे दिया। ऐसी स्थिति में मात्र दो परचे ही बने। मरीजों ने मैनुअल परचे बनवाकर ओपीडी में चिकित्सकों से चिकित्सीय सलाह ली।