रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय।
लखनऊ। रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय में कार्यरत दो महिला डॉक्टरों ने गाइनी यूनिट में काम करने से मना कर दिया है। ये डॉक्टर सीएमओ ऑफिस के जरिये यहां तैनात की गई थीं। सीएमएस ने सीएमओ को पत्र भेजकर दोनों महिला डॉक्टरों को हटाकर दूसरी डॉक्टरों की तैनाती करने की मांग की है।
रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय 100 बेड का अस्पताल है। यहां बर्न यूनिट, आईसीयू, गाइनी यूनिट समेत अन्य विभागों का संचालन हो रहा है। सीएमओ के जरिये यहां वॉक इन इंटरव्यू से चयनित दो एमबीबीएस महिला डॉक्टरों को तैनात किया गया था। ये डॉक्टर अभी इमरजेंसी समेत दूसरे कार्यों में लगी थीं।
सीएमएस डॉ. नीलिमा सोनकर ने दोनों महिला डॉक्टरों को गाइनी यूनिट में तैनात किया, मगर अब महिला डॉक्टरों ने गाइनी यूनिट में काम करने से मना कर दिया। इस पर सीएमएस ने सीएमओ को पत्र भेजकर दोनों डॉक्टरों को हटाने की मांग की थी, जिसके बाद सोमवार को सीएमओ ऑफिस के जरिये सीएमएस को बुलाया गया। अफसरों ने सीएमएस को सलाह दी कि पहले दोनों डॉक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगें। जवाब न मिलने पर मामला जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखा जाएगा। जहां से अंतिम मुहर लगने बाद कार्रवाई होगी। वहीं, दोनों महिला डॉक्टरों ने अस्पताल प्रबंधन पर तंग करने का आरोप लगाया है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
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पद के विपरीत कर रखी तैनाती
चिकित्सालय में पद के विपरीत डाॅक्टरों की तैनात हुई है, उन्हें हटाया तक नहीं जा रहा है। एक पद के सापेक्ष तीन-तीन डॉक्टर तैनात हैं। ऐसी स्थिति तब है, जब सीएचसी पर डॉक्टरों का संकट है। अस्पताल में एक नेत्र रोग सर्जन के सापेक्ष तीन डॉक्टर तैनात हैं। इसमें एक डॉक्टर इंटौजा सीएचसी पर भी तैनात हैं, मगर उन्हें यहां वर्षों से संबद्ध रखा गया है।