पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो बड़े कारोबारी ग्रुप तिरुपति और एप्पल इंडस्ट्रीज ने तीन दिन की जांच के बाद 162.06 करोड़ रुपये की काली कमाई को स्वीकारते हुए उसके दस्तावेज सरेंडर कर दिए हैं। कारोबारी ग्रुप को इस काली कमाई पर 50 करोड़ रुपये से अधिक का आयकर और अतिरिक्त रूप से पेनाल्टी चुकानी पड़ेगी।
वहीं एप्पल इंडस्ट्रीज के खाते में 300 करोड़ रुपये हांगकांग से ट्रांसफर होने की जांच कराई जाएगी। विभाग इस जांच के लिए सीबीडीटी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स) को शीघ्र ही पत्र लिखेगा।
मंगलवार को तिरुपति ग्रुप के दिल्ली निवासी निदेशक वाईके गुप्ता, दिनेश गोयल एवं आशीष गर्ग के दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, देहरादून, मुजफ्फरनगर, कुरुक्षेत्र एवं पोंटा साहब और एप्पल इंडस्ट्रीज के निदेशक दिल्ली निवासी आशीष गर्ग, पवन गर्ग एवं वाइके गर्ग के कुल 30 ठिकानों पर आयकर छापा पड़ा था।
इसकी लगातार तीन दिन जांच चली, जो गुरुवार शाम को पूरी हुई। इस दौरान 595 करोड़ रुपये के आयकर चोरी से संबंधित दस्तावेज जब्त हो चुके हैं।
खुद स्वाकारी करोड़ों की हेराफेरी
गुरुवार शाम को लखनऊ में आयकर महानिदेशक (जांच) कृष्णा सैनी ने बताया कि जांच के दौरान तिरुपति के निदेशक वाईके गुप्ता के दफ्तर से दस्तावेज बरामद हुए, जिसमें काली कमाई के 44.50 करोड़ रुपये का विवरण दर्ज था। वाईके गुप्ता ने जांच टीम के समक्ष खुद 44.50 करोड़ प्रोजेक्ट निवेश एवं 6 करोड़ कैश पर आयकर न चुकाना स्वीकारा है।
सन वर्ल्ड प्रोजेक्ट में निवेश 50 करोड़ किसका
आयकर महानिदेशक के मुताबिक वाईके गुप्ता के दफ्तर से बरामद दस्तावेज में नोएडा स्थित सन वर्ल्ड के दो रियल इस्टेट के प्रोजेक्ट वरालिका एवं अरिस्ता में जो रकम खर्च हुई वह काली कमाई की है। इस दस्तावेज में रियल इस्टेट के प्रोजेक्ट पर खर्च हुए एक-एक रुपये का लेखा-जोखा है।
आयकर अफसर इस प्रकरण की जांच करेंगे कि प्रोजेक्ट में यह 50 करोड़ रुपये की कमाई किसकी है। इसके लिए तिरुपति ग्रुप के सभी निदेशकों से पूछताछ होगी। वहीं तिरुपति ग्रुप के कुरुक्षेत्र एवं नोएडा में जो लॉकर्स सील किए गए उनको 17 नवंबर के बाद खोला जाएगा।
डायरी ने खोली खान की काली कमाई की पोल
एप्पल इंडस्ट्रीज के निदेशक आशीष गर्ग के दफ्तर से गुरुवार सुबह छानबीन में एक गोपनीय डायरी बरामद हुई, इसमें दक्षिण भारत स्थित खडप्पा स्थित खान से होने वाली इनकम का उल्लेख था।
इसमें दर्ज इनकम पर सिर्फ 40 फीसदी पर आयकर चुकाया गया है। डायरी से आयकर चोरी की पोल खुलते ही आशीष गर्ग ने 105.60 करोड़ रुपये की ब्लैक मनी पर आयकर न चुकाए जाने के दस्तावेज सरेंडर किए। आयकर महानिदेशक ने बताया कि आशीष ने एनसीआर स्थित रियल इस्टेट के वन लीफ प्रोजेक्ट के लिए 10 करोड़ रुपये का लोन लेने का जो दावा किया था वह सही नहीं मिला।
जिससे 10 करोड़ का लोन लेने का दावा किया वह सिर्फ 3 करोड़ की रकम का स्रोत बता सका। अब आशीष को लोन देने वाले व्यक्ति की जांच होगी।