बंथरा में मंगलवार सुबह दो मासूम बच्चों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। दोनों चचेरे भाई थे। बच्चों को नहाते देख तालाब में कूदे थे। पुलिस की लेटलतीफी से आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया। एक किसान पर मिट्टी का खनन कराकर खेत को गहरा तालाब बनाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने कार्रवाई और राजस्व विभाग की टीम ने परिवार को मुआवजे का आश्वासन देकर गुस्साए लोगों को शांत कराया। थानाध्यक्ष बलवंत शाही ने बताया कि गांव मैनेजर खेड़ा रतौली निवासी सुरेंद्र रावत व उसका भाई संजय रावत इमारतों की पुताई का काम करते हैं।
सुरेंद्र का बेटा अस्मित (8) अपनी बहन निधि व संजय के बेटे अनीश (7) के साथ नित्यक्रिया के लिए घर से दो सौ मीटर दूर तालाब के किनारे गए थे। वहां गांव के ही सुरेश के बेटे अक्षय व दो अन्य बच्चों को नहाते देख अस्मित और उसके चचेरे भाई अनीश ने भी तालाब में छलांग लगा दी।
दोनों को डूबते देख नहा रहे बच्चों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। तालाब के किनारे खड़ी निधि ने शोर मचाकर लोगों को बुलाया। कुछ ही देर में दोनों डूब गए। बुरी तरह घबराए अक्षय ने उनके घरवालों को जानकारी दी। परिवारीजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे।
पुलिस को फोन करने के साथ स्थानीय लोगों ने बच्चों की तलाश में तालाब में गोते लगाए। कुछ देर बाद पहुंची पुलिस द्वारा गोताखोरों के न लाने से से आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।