रायबरेली क्षेत्र के बेलौली गांव के दो युवक मंगलवार सुबह लोन नदी में डूब रहे एक बच्चे को बचाने के लिए कूद गए। दोनों ने बच्चे को बचाकर किनारे ला दिया लेकिन खुद पानी के तेज बहाव के कारण संभल नहीं पाए और डूब गए।
सूचना पर पहुंचे एएसपी शशिशेखर सिंह, एसडीएम जीतलाल सैनी, सीओ लक्ष्मीकांत गौतम, इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह गोताखोरों और पुलिस के जवानों की मदद से डूबे युवकों की तलाश में जुट गए। लखनऊ से एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) को भी बुला लिया। सात घंटे के लगातार प्रयास के बाद भी युवकों का पता नहीं लग सका है। खबर लिखे जाने तक युवकों की तलाश जारी थी।
बेलौली मजरे पलियाबिरसिंहपुर गांव का नीरज (12) जो यहां अपने ननिहाल में रहता है, जानवर चराने नदी के किनारे गया था। गांव में किसी ने फोन कर बताया कि नीरज डूब रहा है। यहां से देवेंद्र सिंह उर्फ रानू (31) पुत्र वीरेंद्र सिंह कछवाह व रज्जन (30) पुत्र हरीशंकर कोरी बाइक से बांध की ओर गए।
वहां नीरज को बचाने के लिए दोनों नदी में कूद गए। दोनों ने नीरज को तो बचाकर किनारे कर दिया लेकिन तेज बहाव के चलते खुद नहीं संभल पाए। बांध के पास तेज बहाव के कारण दोनों गहरे पानी में चले गए। सूचना पुलिस को दी गई। सीओ लक्ष्मीकांत गौतम और इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
वहां गहरे पानी में दोनों युवक देखे जा रहे थे लेकिन कोई पानी में जाने का साहस नहीं कर पा रहा था। पुलिस ने गोताखोर बुला लिए थे। इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह और कुछ जवान एक रस्सी के सहारे खुद गहरे पानी में उतर गए लेकिन जब तक वे उन युवकों तक पहुंचते तब तक वे फिर गहरे पानी में लापता हो गए।
सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ के 15 जवानों की टीम अपने संसाधनों के साथ युवकों की तलाश में जुटी है। एएसपी शशिशेखर सिंह, एसडीएम, सीओ, इंस्पेक्टर तीन थानों की पुलिस मौके पर है। एसडीएम जीतलाल सैनी व सीओ लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि गोताखोर, पुलिस और एनडीआरएफ की टीम युवकों को तलाशने में लगी है। इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह ने बताया कि नीरज को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। वो अब ठीक है।
बांध के पास है गहरा पानी
गांव के आशीष सिंह ने बताया कि गांव के निकट बेलौली और गोगूमऊ के सामने बांध बना हुुआ है। जहां पानी बहुत गहरा है और यहां बहाव भी बहुत तेज है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पानी ऊपर से नीचे गिरने के कारण भंवर बन जाता है, जिसमें फंसने के बाद निकला बहुत मुश्किल होता है। दोनों युवक करीब दो घंटे तक इसी भंवर के निकट देखे गए।