लखनऊ। सौर ऊर्जा के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी से आईएएस अधिकारी के लिए रिश्वत लेने के आरोपी निकांत जैन के दो साथियों को वजीरगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में हसनगंज बावली निवासी हसन रजा अब्बासी ने वजीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें निशांत भी शामिल था और वह वर्तमान में इसी मामले में जेल में बंद है।
इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, ग्राम सरोसा-भरोसा में हसन रजा अब्बासी की जमीन थी। 21 नवंबर 2017 में विराम खंड निवासी निकांत ने अपने साथियों के साथ मिलकर पोस्ट डेटेड फर्जी चेक देकर जमीन का बैनामा करा लिया और भुगतान भी नहीं किया। मामले में पीड़ित ने वर्ष 2019 में निकांत, उसके साथी अलीरजा और ध्रुव कुमार दास के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप है कि मार्च 2025 में आरोपियों ने पीड़ित को पूर्व में दर्ज कराया गया केस वापस न लेने पर गाड़ी से कुचल कर मारने की धमकी दी। इस पर पीड़ित ने वजीरगंज थाने में एक और केस दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने बारूद खाना गोलागंज निवासी अलीरजा व तेलीबाग निवासी ध्रुव कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया।
दूसरी एफआईआर के चलते जेल से नहीं निकल सका निकांत
आईएएस अधिकारी के लिए रिश्वत लेने के आरोपी निकांत जैन के खिलाफ गोमतीनगर थाने में भी केस दर्ज कराया गया था। इस मामले में उसे 20 मार्च को उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ 1600 पन्ने की चार्जशीट भी दाखिल की गई थी। उधर, कोर्ट ने आरोपी की जमानत मंजूर कर दी थी, लेकिन इसी बीच वजीरगंज थाने में हसन रजा अब्बासी ने उस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया। इसके चलते वह जेल से रिहा नहीं हो सका।