पुलिस के मुताबिक, अभिषेक और शेखर प्रदेश के कई शहरों के दर्जनों लोगों की गाड़ियां किराये पर चलवाने के नाम पर हड़प चुके हैं। गोसाईंगंज पुलिस ने रविवार सुबह शहीद पथ के पास से अभिषेक और शेखर को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से शीला की गाड़ी बरामद हुई है।
प्रभारी निरीक्षक गोसाईंगंज विजय कुमार सिंह के मुताबिक शेखर उन्नाव के कॉलेज का छात्रनेता रह चुका है। वह अभी भी छात्र राजनीति में सक्रिय है। वह ओमेक्स रेजीडेंसी के टावर नंबर-4 में किराये पर रहता है। उसने खुद को आर्किटेक्ट बताकर घर किराये पर लिया था। वहीं, एमबीए पास अभिषेक श्रीवास्तव गिरोह का मास्टर माइंड है।
क्षेत्राधिकारी मोहनलालागंज राजकुमार शुक्ला के मुताबिक, जालसाजों का नेटवर्क लखनऊ, गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर और देवरिया सहित बिहार तक फैला है। वे एजेंटों के जरिये वाहन मालिकों से संपर्क करते थे। फिर उनकी गाड़ी किराये पर चलवाने की बात कहकर मुनाफे का सपना दिखाते हैं। गाड़ी मिलते ही जालसाज उसे दूसरे ग्राहक को बेच देते थे।
प्रशिक्षु आईपीएस इरज राजा के मुताबिक, अभिषेक का भाई अनुराग और उसका सहयोगी महराजगंज निवासी शैलेश भी फर्जीवाड़े में शामिल है। इन्होंने गोरखपुर के दुर्गेश यादव, गुड्डू राय, राजेश राय, शैलेश यादव, अजय यादव, रिंकू यादव, चंपन पांडेय, लव पांडेय, दीपक पांडेय और सूर्यभान से एसयूवी बेचने के नाम पर 80 लाख रुपये ठग लिए।
मामले में 3 मई को गोरखपुर के खोराबार थाने में केस कराया गया। अभिषेक ने खुर्रमनगर के राजन ट्रेवेल्स की संचालिका जसमीन खान से सात एसयूवी किराये पर चलवाने के नाम पर हड़प ली थी। जसमीन ने गोरखनाथ थाने में केस कराया था। अभिषेक व उसके साथियों ने गोरखपुर में कारोबारी अजीत सिंह को लग्जरी गाड़ियां दिलाने के नाम पर एक करोड़ रुपये ऐंठे थे। अजीत ने राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।