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यूपी सरकार को बदनाम करने के लिए सपा कार्यकर्ताओं ने किया था 'आलू कांड', दो गिरफ्तार

Sun, 14 Jan 2018 10:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रेस कांफ्रेंस में लखनऊ एसएसपी - फोटो : amar ujala
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कन्नौज में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार को बदनाम करने के इरादे से राजधानी लखनऊ में विधान भवन के सामने आलू फेंकने की साजिश रची थी। एसएसपी ने आलू फेंकने में इस्तेमाल किए गए वाहन के चालक व सपा कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को यह खुलासा किया है। कन्नौज की जिला पंचायत अध्यक्ष के पति समेत छह सपा कार्यकर्ताओं के नाम उजागर करते हुए उन्हें तलब करने के लिए हुकुम तहरीर जारी किया गया है।

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एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि 5 जनवरी की रात विधान भवन से लेकर 1090 चौराहा तक भारी मात्रा में आलू फेंके जाने के मामले में सीसीटीवी फुटेज व इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से पड़ताल के बाद कन्नौज के तिरवा थाने के गांव फगुहा निवासी अंकित सिंह और कस्बा ठठिया निवासी वाहन चालक संतोष पाल को गिरफ्तार किया गया है।

इनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि कन्नौज में जिला पंचायत अध्यक्ष के पति संजू कटियार, नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके कस्बा तिरवा निवासी सपा कार्यकर्ता शिवेंद्र सिंह उर्फ कुक्कू चौहान, उसके भाई दीपेंद्र सिंह चौहान, संदीप उर्फ रिक्की यादव, प्रदीप सिंह उर्फ बंगाली प्रधान व जयकुमार तिवारी उर्फ बड़े बउवन ने सरकार को बदनाम करने के इरादे से विधान भवन के सामने आलू फेंकने की साजिश रची थी। शिवेंद्र सिंह व संजू कटियार ने पुरानी ठठिया स्थित सतीश जाटव व अनुराग दोहरे के कोल्ड स्टोरेज से आलू खरीदा था।

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माल एवेन्यू इलाके में ठहरे थे आरोपी

- फोटो : amar ujala
एसएसपी का कहना है कि 5 जनवरी की शाम कन्नौज से आलू से लदी गाड़ियों के साथ शिवेंद्र सिंह, दीपेंद्र, अंकित, प्रदीप बंगाली, जयकुमार तिवारी व संजू कटियार अपने वाहनों से लखनऊ पहुंचे। यहां ये सभी माल एवेन्यू इलाके में लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित एक स्थान पर ठहरे।

देर रात काफिला विधान भवन के सामने से आलू बिखेरते हुए 1090 चौराहे तक गया। वहां से आलू लाने वाले दोनों वाहन चालक चंदन और चंद्रशेखर शर्मा अपनी गाड़ी लेकर कन्नौज रवाना हो गए, जबकि अन्य लोग माल एवेन्यू इलाके में रुके।

10 हजार से अधिक मोबाइल नंबर खंगालने पर लगा सुराग
एसएसपी ने बताया कि आलू फेंके जाने के प्रकरण में लापरवाही के चलते पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के साथ मुकदमा दर्ज करके पड़ताल शुरू की गई थी। सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज के साथ 10 हजार से अधिक मोबाइल नंबर खंगाले। फुटेज में नजर आए हाफ डाला के नंबर की आरटीओ के दफ्तर में छानबीन की गई।
 
उसके मालिक व चालक संतोष पाल के बारे में जानकारी मिली। उसके मोबाइल की लोकेशन पांच जनवरी की रात विधान भवन के पास थी। संतोष को हिरासत में लेकर पूछताछ में खुलासा हुआ कि संदीप उर्फ रिक्की और अंकित सिंह ने गाड़ी बुक की थी।

4000 रुपये में गाड़ी बुक करके थमाए 1500

पकड़े गए संतोष पाल ने कहा कि संदीप व अंकित ने कोल्ड स्टोरेज से आलू लादकर लखनऊ ले जाने के लिए 4000 रुपये में गाड़ी बुक की थी। विधान भवन के सामने से लेकर 1090 चौराहा तक आलू बिखेरकर माल एवेन्यू लौटने पर उसे सिर्फ 1500 रुपये थमाकर चलता कर दिया। अन्य दो वाहन चालकों को भी तय भाड़े से कम रुपये दिए गए।

गाड़ियों से निकला था जत्था
पड़ताल में पता चला कि बड़ी संख्या में कार व मोटरसाइकिलों से नारेबाजी करते निकले लोगों के पीछे चल रहे भार वाहनों से विधान भवन से 1090 चौराहा तक आलू बिखेरे गए थे। एसएसपी ने कहा कि साजिश रचने वाले लोग माल एवेन्यू इलाके में किस मकान में रुके थे तथा साजिश में और कौन लोग शामिल थे, इसकी पड़ताल की जा रही है।
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कोर्ट से जमानत पर रिहा

- फोटो : amar ujala
आलू फेंकने के आरोप में गिरफ्तार अंकित सिंह व संतोष पाल को पुलिस ने शनिवार शाम कोर्ट में पेश किया। मजिस्ट्रेट ने पांच वर्ष से कम की सजा वाले संज्ञेय लेकिन जमानती अपराध में दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उनकी रिहाई के आदेश दिए।
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