लखनऊ। ठाकुरगंज पुलिस ने जालसाज मामा-भांजे को गिरफ्तार किया है। दोनों धोखाधड़ी कर एटीएम से रकम निकालते थे। दोनों एक ही कंपनी में कानपुर व लखनऊ में तैनात थे। नकदी गबन के आरोप में कंपनी ने उन्हें निकाल दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार भी बरामद की है।
प्रभारी निरीक्षक ठाकुरगंज सुनील दुबे ने बताया कि एटीएम में नकदी डालने वाली कंपनी सीएमएस इंफोसिस्टम लि. में सिक्योरिटी पर काम करने वाले दो कर्मचारियों महेंद्र अवस्थी और उसके भांजे राहुल दीक्षित ने नकदी में हेराफेरी की। इसकी जानकारी होने पर कंपनी ने दोनों को नौकरी से निकाल दिया था। कंपनी के कानपुर शाखा में तैनात महेंद्र अवस्थी ने कई बार रुपये की हेराफेरी की थी। वहीं लखनऊ में तैनात महेंद्र के भांजे राहुल दीक्षित को जनवरी में निकाला गया। उस पर भी रुपये के गबन का आरोप था।
लेकिन राहुल को जिस युवक ने कंपनी में काम दिया था, उसने उसे मदद का झांसा देकर एटीएम में नकदी डालने का पासवर्ड हासिल कर लिया। यह पासवर्ड दो लोगों के पास रहता है। एक जो रकम डालता है, दूसरा जो कंपनी में सिक्योरिटी देखता है। जब एटीएम में नकदी पड़ने के कुछ देर बाद पासवर्ड प्रयोग कर नकदी निकाली गई तो इसकी जानकारी होने पर कंपनी के अधिकारियों ने पड़ताल शुरू की। इसके बाद दोनों के कारनामे सामने आए। प्रभारी निरीक्षक ठाकुरगंज सुनील दुबे के मुताबिक, पुलिस टीम ने दोनों को दबोचने केलिए प्रयास शुरू किया। सोमवार देर रात दोनों को कालीचरण डिग्री कॉलेज के पास से दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में महेंद्र कानपुर नगर के न्यू आजादनगर बिगनू का रहने वाला है। वहीं राहुल मैनपुरी के करहल स्थित गोदई का रहने वाला है।
चंद दिनों में उड़ाये एक लाख रुपये
प्रभारी निरीक्षक केमुताबिक, महेंद्र अवस्थी के खिलाफ कानपुर के बर्रा और उरई में मुकदमा दर्ज है। यह मुकदमा कंपनी के अधिकारियों ने ही दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार भी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, इसी कार का प्रयोग कर दोनों एटीएम से रकम निकालते थे। दोनों इतने शातिर है कि एक बार में 10 से 20 हजार रुपये ही निकालते थे, ताकि कोई संदेह न करें।