लखनऊ। कंप्यूटर सेंटर व राशन कार्ड फीडिंग का टेंडर दिलाने के लिए मुख्यमंत्री के दस्तखत किया हुआ फर्जी पत्र जारी कर एक निजी कंपनी से 65 लाख रुपये ठगने वाले दो आरोपी अब्दुल खालिक और फसीहुउज्जमां को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। चिनहट पुलिस को दोनों केपास से ठगी करने में इस्तेमाल किए जाने वाले सारे फर्जी दस्तावेज और लैपटॉप बरामद हुए हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन केमुताबिक, विकल्प खंड निवासी अजय सिंह यादव टेक शाइफर कंसल्टिंग प्रा.लि के नाम से फर्म चलाते हैं। अजय को अब्दुल खालिक ने फसीहुउज्जमां के जरिए पहले कंप्यूटर सेंटर का टेंडर दिलाने के लिए 17 लाख लिए। इसकेबाद अब्दुल खालिक ने फसीहुउज्जमां का तबादला होने का हवाला दिया और कहा कि वो टेंडर नहीं मिल पाएगा। इसके बाद राशन कार्ड फीडिंग का टेंडर दिलावा दिलवाने के लिए 48 लाख रुपये और लिए। ठगी का पता चलने परअजय ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जांच में सभी दस्तावेज अब्दुल खालिक और फसीहुउज्जमां केखिलाफ पाए गए। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, मूल रूप से अब्दुल खालिक गाजीपुर और फसीहुउज्जमां विकासनगर का रहने वाला है। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
सभी फर्जी दस्तावेज बरामद
चिनहट थाना प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक अब्दुल खालिक और फसिहउज्जमां इन दोनों ने जो भी फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया था। सभी बरामद कर लिए गए। दोनों के पास से उत्तर प्रदेश सरकार का फर्जी पत्र, खाद्य एवं रसद विभाग का फर्जी पत्र, सचिवालय विभाग का पत्र, खाद्य एवं रसद विभाग की अंकित तीन मोहरें और एक लैपटॉप बरामद हुआ है।