सीसीटीवी फुटेज व पीड़ित की फोटो है
- 26 की शाम को दुबग्गा में टेंपो चालक ने साथी संग मिलकर लूटे थे डेढ़ लाख
- पीड़ित की निशानदेही पर आरोपियों को पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
काकोरी। दुबग्गा पुलिस ने लूट की वारदात में बड़ा खेल कर दिया। तीन दिनों तक मामला दबाए रही और एफआईआर दर्ज नहीं की। पीड़ित ने खुद ही फुटेज आदि जुटाए। पुलिस को दिए। तब बुधवार को वारदात अंजाम देने वाले टेंपो चालक व उसके साथी को गिरफ्तार किया। लूट की रकम भी बरामद कर ली।
बिहार निवासी मुर्शीद आलम पारा में किराये के मकान में रहता है। वह सबमर्सिबल का कारीगर है। मुर्शीद के मुताबिक, 26 फरवरी की शाम को करीब साढ़े चार बजे बुद्धेश्वर से चारबाग के लिए टेंपो पर बैठे थे। चालक के अलावा एक शख्स और था। चारबाग जाने वाले रूट के बजाए आईआईएम चौराहे की तरफ से टेंपो ले गए। विरोध पर पीछे बैठे शख्स ने पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान टेंपो चालक व उसके साथी ने मुर्शीद का पैसों से भरा बैग लूट लिया। सड़क किनारे धक्का देकर फरार हो गए।
मुर्शीद के मुताबिक, शिकायत करने थाने पहुंचा था लेकिन पुलिसकर्मियों ने भगा दिया था। दूसरे दिन वह घटना स्थल पर गया। वहां पर एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज जुटाए। इसमें टेंपो कैद हुई थी। फुटेज पुलिस को सौंपे। तब पुलिस ने बुधवार को टेंपो चालक व उसके साथी को गिरफ्तार किया और एफआईआर दर्ज की। इंस्पेक्टर सुखवीर सिंह भदौरिया का कहना है कि मुर्शीद जब आए थे तब शराब के नशे में थे। तहरीर सही नहीं दी थी। इसलिए केस दर्ज नहीं किया गया।
बुधवार को मुझे इस प्रकरण की थाने से जानकारी हुई। तत्काल केस दर्ज कराया गया। आरोपी भी पकड़े गए हैं। लूट की रकम भी बरामद कर ली गई है। अगर दुबग्गा पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती होगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- एस चनप्पा, डीसीपी पश्चिम