चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एयरपोर्ट खरीदने के लिए 21 कंपनियां टेंडर प्रक्रिया के लिए पहुंची हैं। सर्वेक्षण गुपचुप तरीके से कराया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों के विरोध का सामना न करना पड़े।
केंद्र सरकार ने हाल ही में अमौसी सहित अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम व गोवाहाटी एयरपोर्ट के निजीकरण का फैसला लिया है। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया के तहत एयरपोर्ट की व्यवस्थाएं चलाने के लिए कंपनियां चुनी जानी हैं।
लखनऊ के हवाई अड्डे की बोली लगाने को 21 कंपनियां तैयार हैं। इनमें बड़ी व अनुभवी कंपनियां भी हैं, जो बड़े महानगरों में एयरपोर्टों का संचालन कर रही हैं। इनके प्रतिनिधियों ने एयरपोर्ट पर पेड़ों से लेकर बिल्डिंग व यात्री सुविधाओं से लेकर बाहर परिवारीजनों के आने-जाने तक की व्यवस्थाओं का आकलन किया।