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तुलसियानी ग्रुप ने सरंडर की 18 करोड़ ब्लैकमनी, नेताओं-अफसरों को बेचे थे 200 करोड़ के फ्लैट

Fri, 18 Nov 2016 11:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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तुलसियानी ग्रुप के लखनऊ, इलाहाबाद, मेरठ व दिल्ली के 22 ठिकानों पर छापामारी के बाद 36 घंटे तक चली जांच में 200 करोड़ रुपये के फ्लैट बेचकर इनकम टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। 
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ग्रुप ने इस खुलासे के बाद आयकर विभाग के समक्ष 18 करोड़ का कालाधन सरेंडर किया और मौके पर ही चेक से 6.60 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स एवं जुर्माने की आंशिक राशि चुकाई। वहीं एक करोड़ रुपये की नकदी भी जब्त की गई है। छापेमारी में सोने एवं हीरे के जो गहने पाए गए वह जांच के दायरे में नहीं आए। 

बुधवार को आयकर विभाग की जांच इकाई की जिन टीमों ने तुलसियानी ग्रुप के कुल 22 ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की थी उसमें लखनऊ को छोड़कर अन्य जिलों में बृहस्पतिवार शाम 6 बजे तक जांच खत्म हो गई। 
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इस समूह के अनिल कुमार तुलसियानी, महेश तुलसियानी व नरेश तुलसियानी के गोमतीनगर स्थित आवास एवं कार्यालय, सुशांत गोल्फ सिटी स्थित प्रोजेक्ट एवं जॉपलिंग रोड स्थित कार्यालयों में 36 घंटे तक चली जांच में पता चला कि नेताओं, अफसरों व इंजीनियरों को 200 करोड़ के फ्लैट बेचकर करीब 50 करोड़ रुपये के आयकर की चोरी की गई। 

आयकर अफसरों ने फ्लैट बिक्री का ब्योरा एवं दस्तावेज जब्त कर लिया है। आयकर विभाग इन नेताओें, अफसरों व इंजीनियरों से भी पूछताछ कर सकता है। जांच के दौरान माइक्रो फाइनेंस कंपनी एवं फर्जी शेयर कंपनी के शेयर और बेनामी संपत्ति खरीदने के दस्तावेज भी मिले। इसे जब्त कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को लॉकर खोले जाएंगे।
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नोटों से भरे आठ लॉकर सील

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तुलसियानी बंधु के लखनऊ के शहीद पथ के निकट शालीमार हाइट्स के फ्लैट की जांच में कई बैंकों के आठ लॉकर्स का पता चलने पर उसे बृहस्पतिवार को सील कर दिया गया। 

तुलसियानी बंधुओं ने इन लॉकर्स में नोट होने की बात आयकर अफसरों से बताई है। इसी फ्लैट के एक कमरे को सील किया गया है। अफसरों को उम्मीद है कि सील किए गए हिस्से से आयकर चोरी के साक्ष्य एवं लॉकरों में बड़े पैमाने पर नकदी मिलेगी। 

उधर, नोएडा की आम्रपाली, एआईएमएस एवं इनवेस्टर क्लीनिक बिल्डर्स के कॉर्पोेरेट कार्यालय एवं निदेशकों के आवास की छापामारी बृहस्पतिवार तक चली। अफसरों को यहां कालाधन के रूप में नकदी तो अधिक नहीं मिली लेकिन कालाधन निवेश करके फ्लैट एवं प्लाट खरीदने वालों का ब्योरा जुटा लिया है। खरीद-फरोख्त के दस्तावेज जब्त करके फ्लैट-प्लाट की कुल कीमत का आकलन किया जा रहा है।
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