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वापस लिया गया प्राधिकरण में जमा राममंदिर का नक्शा, संशोधन के बाद पास कराने के लिए भेजा जाएगा

Fri, 07 Aug 2020 06:42 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, अयोध्या।
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राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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भूमि पूजन के बाद राममंदिर निर्माण को मूर्त रूप देने की तैयारी जोर पकड़ चुकी है। इसके लिए सबसे पहले राममंदिर के नक्शे को लेकर प्रयास नए सिरे से शुरू हो गये हैं। प्राधिकरण के आला अफसरों का कहना है कि ट्रस्ट ने चार दिन पहले जमा नक्शा वापस ले लिया है। इसमें संशोधन के बाद दोबारा नक्शा जमा करेंगे, इसके बाद प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में इसे संस्तुति मिल पाएगी। 

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राममंदिर ट्रस्ट पहले ही घोषणा कर चुका है कि राम मंदिर का नक्शा नियमों के अनुरूप पास करा कर ही मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। राम मंदिर के परिसर का स्वरूप जानने के लिए पूरा देश उत्सुक है। प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप राममंदिर भव्य और विशाल होगा। 

राममंदिर के लिए अभी चार दिन पूर्व ट्रस्ट की ओर से प्राधिकरण में मंदिर का नक्शा पास कराने के लिए भेजा गया था। लेकिन प्राधिकरण के आला अफसरों का कहना है कि ट्रस्ट ने नक्शा वापस ले लिया है। इसमें संशोधन के बाद दोबारा नक्शा जमा किया जाएगा। 
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इसके बाद प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में नक्शा पास होने के बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा। नक्शे की फीस चेक से दी जाएगी। माना जा रहा है कि नक्शे में संशोधन से लेकर पास होने की प्रक्रिया में एक सप्ताह से 15 दिन का समय लग सकता है। इसके बाद एलएंडटी नींव की खुदाई करेगा।

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ज्योतिषियों ने कहा, ट्रस्ट ने मुहूर्त दोष का वास्तु पूजा से कर लिया निवारण

भूमिपूजन के मुहूर्त पर सवाल उठाने वाले ज्योतिषपीठाधीश्वर जगतगुरु स्वरूपानंद सरस्वती समेत तमाम विद्वानों को ट्रस्ट ने वास्तुपूजा के जरिए जवाब दिया है। ज्योतिषी कहते हैं कि 3 अगस्त को सावन पूर्णिमा के दिन कराई गई वास्तु पूजा मंदिर निर्माण की सबसे अहम पूजा थी। इसके जरिए ट्रस्ट ने पांच अगस्त के मुहूर्त का खतरा टाल दिया है।

भारतीय विद्या भवन में ज्योतिषाचार्य सचिन मल्होत्रा कहते हैं कि 5 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 44 मिनट 8 सेकंड पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यास संपन्न किया तो उस समय अयोध्या के स्थानीय समयानुसार तुला लग्न और वृषभ नवांश उदय हो रहा था।

भाद्रपद के महीने की कृष्ण पक्ष द्वितीय तिथि तथा चौमासे के कारण मुहूर्त ग्रंथों के अनुसार यह समय भूमि पूजन और शिलान्यास के लिए उचित नहीं हैं, किंतु इस शिलान्यास से पूर्व वास्तु पूजन का आयोजन 3 अगस्त प्रात: 9 बजकर 30 मिनट पर चंद्रमा के अतिशुभ श्रवण नक्षत्र में रहते पूर्णिमा के दिन किया गया था तो इससे शिलान्यास मुहूर्त के कुछ दोष कम को जाते हैं, शिलान्यास मुहूर्त के समय चंद्रमा के कुंभ राशि में राहु के शतभिषा नक्षत्र में होने तथा शनि-मंगल के बीच पाप-कर्तरी दोष में फंसने के कारण आने वाले कुछ महीनों में देश पर प्राकृतिक प्रकोपों और युद्ध के कारण कोई संकट आ सकता है। किंतु राम मंदिर के वास्तुपूजा के समय शुक्र की होरा चल रही थी और लग्न व नवांश भी शुभ ग्रह शुक्र का ही था। इसलिए मंदिर निर्माण लंबी अवधी में राष्ट्र के लिए शुभ होता प्रतीत हो रहा है।
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