लखनऊ। सिविल अस्पताल में दिल के मरीजों के लिए टूडी ईको और टीएमटी जांच कराना इस ठंड में भी पसीना छुड़ा रहा है। कोई मरीज तीन दिन से परची कटवाकर जांच के लिए भटक रहा है तो कोई 10 दिन से अस्पताल के चक्कर लगा रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी मरीजों को लौटाया जा रहा है, जिससे हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कार्डियोलॉजी यूनिट में सिर्फ दो ही विशेषज्ञ तैनात हैं, जो ओपीडी में परामर्श देने के साथ-साथ जांच का जिम्मा भी संभाल रहे हैं।
10 दिन से जांच के लिए भटक रहीं बुजुर्ग महिला
इंदिरानगर निवासी बुजुर्ग महिला अंजुम ने 10 दिन पहले कार्डियोलॉजी ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया था। डॉक्टर ने ईसीजी के साथ टूडी ईको जांच लिखी थी, लेकिन तब से वह रोज जांच के लिए अस्पताल आ रही हैं। अंजुम का कहना है कि हर दिन जांच केंद्र के बाहर घंटों इंतजार कराया जाता है। ओपीडी का समय समाप्त होते ही जांच बंद कर दी जाती है। शनिवार को भी वह सुबह 10 बजे से जांच के इंतजार में बैठी रहीं, लेकिन नंबर नहीं आया।
20 किमी से रोजाना लगानी पड़ रही दौड़
गोसाईंगंज निवासी 32 वर्षीय सनी ने तीन दिन पहले ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया था। डॉक्टर ने टूडी ईको जांच लिखी और शुल्क जमा कराकर परची भी कटवा ली, लेकिन अब तक जांच नहीं हो सकी। सनी ने बताया कि वह रोजाना करीब 20 किलोमीटर का सफर तय कर अस्पताल आ रहा है, फिर भी उसे लौटना पड़ रहा है।
रोजाना महज छह-सात जांच, बाकी मरीज लौटाए जा रहे
सिविल अस्पताल में दिल के मरीजों के लिए टूडी ईको और टीएमटी जांच की सुविधा तो है, लेकिन डॉक्टरों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। यहां तैनात दो कार्डियोलॉजिस्ट पहले ओपीडी का काम निपटाते हैं और बचे हुए समय में जांच करते हैं। इसी वजह से रोजाना महज छह से सात मरीजों की ही जांच हो पा रही है, जबकि बाकी मरीजों को तारीख देकर लौटा दिया जा रहा है।
Iअस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी है। दो विशेषज्ञों के भरोसे ही ओपीडी और जांच का कार्य किया जा रहा है, इसी कारण जांच में कुछ देरी हो रही है।I
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- डॉ. कजरी गुप्ता, निदेशक, सिविल अस्पतालI