सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप का कहना है कि सपा की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई है। पार्टी की मांग थी कि संविधान में दी गई व्यवस्था के तहत ओबीसी आरक्षण का पालन किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है। इस फैसले से भाजपा सरकार की पोल खुल गई है। उम्मीद है कि इस फैसले के बाद भाजपा होश में आएगी और संविधान की अवहेलना नहीं करेगी। इसलिए ओबीसी आरक्षण का पालन करते हुए जल्द से जल्द निकाय चुनाव कराया जाए।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला मान्य है। सरकार ओबीसी आरक्षण के साथ खिलवाड़ न करे और उन्हें उनका वाजिब हक दिलाने के लिए तर्कपूर्ण ढंग से प्रक्रिया को पूरा करे।
बसपा प्रमुख मायावती का कहना है कि यदि सरकार ने समय से पहले ही आयोग गठित कर ट्रिपल टेस्ट करा लिया होता तो यह नौबत नहीं आती। भाजपा के लिए गरीब, दलित, ओबीसी, मुस्लिम व बहुजन समाज विरोधी चाल, चरित्र व चेहरे को त्यागना बेहद जरूरी है।