तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में मुस्लिम महिलाओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई।
महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है।
मुस्लिम महिलाएं बहुत दिनों से प्रताड़ित थी, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उनको राहत मिलेगी। ये उनके लिए बहुत बड़ी जीत है।
मुस्लिम महिलाओं को सरियत कानून के शिकंजे से मुक्ति मिलेगी। रानी लक्ष्मी बाई कोष के जरिए महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ अब मुस्लिम महिलाओं को भी मिलेगा।
इस फैसले के बाद इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। कोष में पहले सिर्फ घरेलु हिंसा से पीड़ित महिलाओं को ही आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती थी। अब सभी जाति की महिलाओं को इस योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। साथ ही आशा ज्योति केंद्रों के जरिये कौशल विकास की ट्रेनिंग भी दी जायेगी।
गौरतलब है कि तीन तलाक के महत्वपूर्ण मुद्दे पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक पीठ के तीन जजों ने इसे असंवैधानिक बताया है।
जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस फली नरीमन, जस्टिस जोसेफ कुरियन ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए कहा- इससे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन होता है।
जबकि इससे पहले चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि तीन तलाक धार्मिक प्रक्रिया और भावनाओं से जुड़ा मामला है, इसलिए इसे एकदम से खारिज नहीं किया जा सकता।