उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने संसद में तीन तालक विधेयक पास होने के बाद एक बयान जारी किया है। उन्होंने तीन तलाक के खिलाफ बनने वाले कानून को जाति या मजहब के खिलाफ नहीं, बल्कि महिला सम्मान के लिए जरूरी बताया है।
तीन तलाक को कई देशों ने प्रतिबंधित किया था। इन सबके बावजूद सबसे बड़ें लोकतंत्र में यह कुप्रथा चली आ रही थी। दुर्भाग्य है कि जो लोग महिला सशक्तीकरण की बात करते थे वे भी इस बिल का विरोध कर रहे थे। उनके चेहरे अब सबके सामने आ चुके हैं। कांग्रेस, उनके सहयोगी दल और सपा-बसप यह सब एक्सपोज हो चुके हैं।