'शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशा होगा', मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस पर कविता की इसी लाइन से लखनऊ पुलिस लाइन्स का ग्राउंड गूंज उठा। देश सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 186 जवानों को याद करते हुए उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई। सीएम योगी और डीजीपी राजीव कृष्णा ने शहीद जवानों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुलिस लाइन्स के ग्राउंड में सुबह 9.35 बजे परेड खड़ी हुई। परेड को आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडेय और किरन यादव ने कमांड किया। परेड में पीएसी, एसडीआरएफ, एटीएस, एसएसएफ, ट्रैफिक पुलिस और सिविल पुलिस की टोलियां थीं। 10 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में पहुंचे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंच से संबोधित करते हुए पुलिस विभाग के अच्छे कामों को गिनाया। संबोधन के बाद परेड खत्म हुई और सीएम शहीद जवानों के परिजनों से मिले। इस मौके पर महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद सीएम दिनेश शर्मा, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री असीम अरुण, बृजलाल अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के अध्यक्ष सहित कई सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
स्मृति दिवस पर 1 सितंबर 2024 से लेकर 31 अगस्त 2025 के दौरान देशभर में ड्यूटी पर शहीद हुए 186 पुलिसकर्मियों को याद किया गया। शहीदों में सबसे अधिक बीएसएफ के 23 जवान शामिल हैं। वहीं यूपी के तीन पुलिसकर्मी इस अवधि के दौरान शहीद हुए।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश के पांच, अरुणाचल प्रदेश के एक, असम के दो, बिहार के आठ, छत्तीसगढ़ के 16, गुजरात के तीन, झारखंड के एक, कर्नाटक के आठ, केरल के एक, मध्य प्रदेश के आठ, महाराष्ट्र के 1, मणिपुर के तीन, नागालैंड के एक, ओडिशा के दो, पंजाब के तीन, राजस्थान के तीन, तमिलनाडु के छह, तेलंगाना के पांच, त्रिपुरा के 2, उत्तराखंड के चार, पश्चिम बंगाल के 12, चंडीगढ़ के दो, दिल्ली के आठ, जम्मू कश्मीर के 14, लद्दाख के एक असम राइफल्स के 2, सीआईएसएफ के छह, सीआरपीएफ के आठ, आईटीबीपी के पांच, एसएसबी के पांच, एनडीआरएफ के एक, आरपीएफ के नौ जवान शामिल थे।