लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी परिसर में बृहस्पतिवार को वरिष्ठ पखावज वादक डाॅ. राज खुशीराम की स्मृति में शोक सभा हुई। अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत और निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर की उपस्थिति में दो मिनट मौन रहकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की ओर से भेजे गए संदेश में उन्होंने दिवंगत आत्मा के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की।
तबला प्रशिक्षक पवन तिवारी ने बताया कि संगीत नाटक अकादमी अवॉर्डी डाॅ. राज खुशीराम का निधन बुधवार को हुआ था। उनका निधन कला जगत के लिए अपूर्णनीय क्षति है। डॉ. राज खुशीराम, लखनऊ घराने के कथक गुरु पं. लच्छू महाराज की पटशिष्या कथक नृत्यांगना स्व. कपिला राज के पति थे। वह भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में पखावज के अतिथि शिक्षक भी थे। शोक सभा में अकादमी, कथक केंद्र और जयघोष के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंतिम संस्कार में पहुंचे कला एवं संस्कृतिकर्मी
प्रख्यात पखावज वादक डॉ. राज खुशीराम का बृहस्पतिवार को बैकुंठधाम में अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि भतीजे मुनीश खुशीराम ने दी। इस दौरान कानपुर से गायक पं. विनोद कुमार द्विवेदी, अयोध्या से गुरुभाई राजकुमार झा, भाषा पंत, ज्योति किरन, राममोहन महाराज, कमलेश दुबे, हेम सिंह, रत्नेश मिश्र, सुरेंद्र आर्य, कला समीक्षक राजवीर रतन, शिष्य प्रसन्ना, अश्वित आदि मौजूद रहे। जयपुर की ध्रुपद गायिका डॉ. मधु भट्ट तैलंग, वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. अनिल रस्तोगी और गोपाल सिन्हा ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।