कोरोना की रोकथाम को तैयार हो रही पहली स्वदेशी दवा को-वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल 15 दिनों के लिए टल गया है। दूसरे चरण के ट्रायल के परीक्षणों की रिपोर्ट आने में देरी से ऐसा किया गया है। एसजीपीजीआई व बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 15 अक्तूबर से ट्रायल होना था।
एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. राधा कृष्ण धीमान ने बताया कि भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल के पास को-वैक्सीन के दूसरे चरण के ट्रायल के परिणाम लंबित है, जब तक ये नहीं आ जाते तीसरे चरण का ट्रायल होना मुश्किल है। उम्मीद है कि अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में ट्रायल शुरू हो जाएगा।
मालूम हो कि 24 सितंबर को पीजीआई व बीआरडी को को-वैक्सीन के ट्रायल के लिए अधिकृत किया गया था। इसके लिए ऐसे लोगों की सूची तैयार की गई थी, जिन्हें कोरोना नहीं हुआ तथा दूसरे ग्रुप में ऐसे कोरोना मरीज लिए गए, जो डायबिटीज, बीपी व थायराइड आदि से भी ग्रसित थे। गुरुवार से इन पर दवा का प्रयोग शुरू होना था। मालूम हो कि को- वैक्सीन पहला स्वदेशी टीका होगा, जिसे बायोटेक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने तैयार किया है। देशभर के 12 केंद्रों पर दो चरण में इसका ट्रायल होगा।