लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को जब राजधानी के ट्रैक पर डबल डेकर दौड़ी तो न सिर्फ रेलवे अफसरों के चेहरों पर मुस्कान बिखर गई बल्कि वहां मौजूद यात्री भी गदगद हो उठे।
अपने ट्रायल रन में ही यह ट्रेन 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ी और 20 मिनट पहले ही आनंद विहार टर्मिनल पहुंच गई। ट्रेन ने लखनऊ से आनंद टर्मिनल की दूरी 7 घंटे 40 मिनट में पूरी कर दी।
यह इस रूट की सबसे तेज ट्रेन 12435 राजधानी एक्सप्रेस के बाद लिया गया सबसे कम समय था।
सुबह दस बजे डबल डेकर को ट्रायल के लिए लखनऊ से रवाना होना था। इसके लिए रेलवे प्रशासन पहले ही तैयारी कर चुका था। ट्रेन का रैक लखनऊ जंक्शन के प्लेटफॉर्म चार पर लाया गया।
ये हैं डबल डेकर की खासियत
इस ट्रेन के लिए 4000 हॉर्स पावर का डब्ल्यूडीएम श्रेणी का डीजल इंजन लगाया गया। एक बोगी के दोनों तरफ कैमरे लगाकर उनको कम्प्यूटर से कनेक्ट किया गया।
डबल डेकर एकदम असली की तरह चले इसके लिए बोगियों की निचली और ऊपर की सीटों पर यात्रियों के भार के बराबर बालू भरकर बोरियां रख दी गई थी।
रेलवे के मुताबिक, 12 कोच व दो पावर कार के साथ चलने वाली इस ट्रेन के एक कोच में 120 मुसाफिर सफर करेंगे। रेलवे ने इसी के इर्दगिर्द ट्रेन पर भार दिया था।
ट्रेन अपने तय समय 10 बजे से चार मिनट की देरी से रवाना हुई। बरेली के रास्ते पहले तो इस ट्रेन को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से मुरादाबाद तक दौड़ाया गया।
बीच रास्ते किसी भी स्टेशन के प्लेटफॉर्म और पुल व सिग्नल पोस्ट से डबल डेकर को कोई खतरा नहीं हुआ। इन मानकों की मॉनिटरिंग बोगी के बाहर की ओर लगे कैमरे से की गई।
इस ट्रेन के लिए इंतजार कर रहे रेलवे बोर्ड के आला अफसरों ने इसके 20 मिनट पहले ही पहुंचने पर भविष्य में गति को बढ़ाने पर विचार शुरू भी कर दिया।
शताब्दी से सस्ता होगा किराया
रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक डबल डेकर को चलाने का समय और इसका किराया भी ट्रायल के बाद तय होगा लखनऊ से आनंद विहार तक चलने वाली डबल डेकर ट्रेन का किराया शताब्दी एक्सप्रेस से 20 से 25 प्रतिशत तक सस्ता होगा।
डबल डेकर का आनंद विहार टर्मिनल तक का किराया 800 रुपये के करीब हो सकता है जबकि शताब्दी एक्सप्रेस का किराया 960 रुपये है। डबल डेकर ट्रेन में आग से बचाव वाले सभी उपकरण हर बोगी में उपलब्ध होंगे।
अब शनिवार को यह ट्रेन डाउन लाइन पर वापसी की दिशा में आनंद विहार से लखनऊ तक का ट्रायल पूरा करेगी।
यदि वापसी का ट्रायल भी सामान्य हुआ तो डबल डेकर को चलाया जा सकता है। हालांकि आरडीएसओ शनिवार को ट्रायल पूरा होने के बाद अपनी एक रिपोर्ट बनाकर रेलवे बोर्ड को सौंपेगा।