लखनऊ। केजीएमयू का नया फरमान अति गंभीर मरीजों की मुसीबत बढ़ा रहा है। केजीएमयू अब दूसरी किसी भी लैब की कोरोना रिपोर्ट नहीं मान रहा है। केजीएमयू लैब से जांच के बाद ही मरीज को आईसीयू या वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया जा रहा है। ऐसे में अति गंभीर मरीज निजी सेंटर जाने को मजबूर हैं और गरीब मरीज रिपोर्ट आने तक छह से आठ घंटे तक इंतजार कर रहे हैं।
अन्य राज्यों में एक बार कोरोना के घातक होने के के बाद केजीएमयू प्रशासन ने सभी मरीजों की जांच के बाद ही विभाग या आईसीयू में भर्ती के निर्देश दिए हैं। भर्ती न करने के पीछे केजीएमयू प्रशासन का तर्क है कि बीते दिनों निजी लैब की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मरीजों को आईसीयू में शिफ्ट किया गया। इस दौरान केजीएमयू लैब की जांच में कई मरीज पॉजिटिव आ गए। ऐसे में विभाग को सैनिटाइज करने संग बंद करना पड़ा। सतर्कता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। ट्रॉमा सीएमएस डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि कोविड रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को ट्रॉमा के सभी विभागों में भर्ती किया जा रहा है। कुछ विभागों में पॉजिटिव मरीज आने के बाद उनके लिए यह निर्देश जारी किए गए हैं। केजीएमयू लैब की रिपोर्ट के साथ ही उनके विभाग में भर्ती की जाएगी।