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अब ट्रेन रवाना होने से पहले तक मिल सकेगा रिजर्वेशन

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रेल यात्रियों की सुविधा के लिए एक नया इंतजाम रेलवे द्वारा लागू किया गया है। इसके तहत किसी भी ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद जो सीटें किन्हीं वजहों से कैंसल होती हैं, उन्हें फिर से आरक्षित किया जा सकेगा। इसके लिए यात्रियों के पास इंटरनेट या रिजर्वेशन सेंटर का विकल्प रहेगा। यही नहीं ट्रेन आने पर एक सप्लीमेंट्री चार्ट लगाया जाएगा, जिसमें कैंसल सीटों पर हुए आरक्षण का ब्यौरा रहेगा।
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अभी तक ट्रेनों में आरक्षित कोच का चार्ट जारी किया जाता है, जिसमें यात्रियों के नाम व सीटों आदि का ब्यौरा होता है। एक बार चार्ट जारी होने के बाद आरक्षित सीट पाने की संभावना समाप्त हो जाती है। हालांकि कई लोग चार्ट बनने के बाद भी अपने टिकट कैंसल कराते रहते हैं।

मगर इसका ब्यौरा चार्ट में अपडेट नहीं हो पाता है। इन सीटों को ट्रेन में मौजूद टीटी यात्रियों की मांग और उपलब्धता के आधार पर आरक्षित कर देता है। इसके बाद भी कई बार तमाम सीटें खाली रह जाती हैं, जिनकी जानकारी यात्रियों को नहीं हो पाती है।
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इसे देखते हुए रेलवे बोर्ड ने अब यह इंतजाम किया है कि प्रत्येक ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के स्टेशन पर आने के चार घंटे पूर्व जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद कैंसल होने वाली सीटों को ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा। कैंसल सीटों की सूची रिजर्वेशन सेंटर के अलावा इंटरनेट पर भी उपलब्ध होगी।
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रह गए तो टीटी देगा रिजर्वेशन

यात्रियों के लिए यह सुविधा होगी कि वे इन सीटों को जरूरत के हिसाब से रिजर्व कर सकेंगे। सीटों के आरक्षण की सुविधा ट्रेन आने के कुछ मिनट तक उपलब्ध होगी। इसके बाद एक सप्लीमेंट्री चार्ट निकाला जाएगा, जिसमें कैंसल सीटों के आरक्षण का ब्यौरा होगा। इसे स्टेशन के अलावा ट्रेन पर लगाया जाएगा। बोर्ड ने सप्लीमेंट्री चार्ट जारी करने का समय निर्धारित करने का अधिकार जोनल रेलवे को दिया है।

इस इंतजाम को जारी करने के पूर्व रेलवे बोर्ड एक महत्वपूर्ण घोषणा पहले भी कर चुका है। इसके तहत ट्रेनों में चलने वाले टीटी के पास हैंड हेल्ड मशीनें होंगी, जिसकी स्क्रीन पर ट्रेन का रिजर्वेशन स्टेटस अपडेट होगा। यात्रियों के मांग के हिसाब से वे इस मशीन से आरक्षित टिकट जारी कर सकेंगे। मशीन इंटरनेट से कनेक्ट होगी, जिसमें रिजर्वेशन का स्टेटस लगातार अपडेट होता रहेगा।

यात्री सुविधा के लिहाज से बोर्ड ने यह कदम उठाया है। इसका लाभ ऐसे यात्रियों को मिलेगा, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है। अब उन्हें सीट रिजर्व कराने का एक और बेहतर विकल्प मिल सकेगा।
अजीत कुमार सिन्हा, सीनियर डीसीएम (उत्तर रेलवे)
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