लखनऊ। केजीएमयू के ट्राॅमा सेंटर में काम करने वाले तीन संविदा कर्मचारियों ने निजी एंबुलेंस और शव वाहन संचालकों से जुड़े दलालों पर दबाव बनाने, धमकाने और मरीजों की जानकारी जुटाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से उन पर निजी एंबुलेंस और शव वाहन की व्यवस्था कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
13 अगस्त को ट्राॅमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दी गई लिखित शिकायत में कर्मचारियों ने बताया कि दलाल उन्हें मरीजों की जानकारी देने के लिए कहते हैं। ऐसा न करने पर नौकरी से हटवाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है। कर्मचारियों का आरोप है कि दलाल ट्राॅमा सेंटर परिसर में बने कर्मचारियों के कमरों में भी जबरन घुस जाते हैं।
शिकायत मिलने के बाद ट्राॅमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले को ट्राॅमा सेंटर पुलिस चौकी प्रभारी को कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि शिकायत पुलिस चौकी प्रभारी को कार्रवाई के लिए भेजी गई है। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस प्रो. प्रेमराज सिंह के साथ वह खुद भी परिसर का निरीक्षण करेंगे और ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई कराई जाएगी। पुलिस चौकी प्रभारी आशुतोष यादव ने कहा कि दलालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।