लखनऊ। राज्य कर विभाग के अफसरों और व्यापारियों के बीच सोमवार को एक होटल में संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें ट्रांसपोर्ट व्यापारियों ने जीएसटी विभाग की ओर से प्रस्तावित ई-वे बिल क्लोजर नियम का विरोध किया। इस नियम में ई-वे बिल को क्लोज करने का अधिकार सप्लायर, रिसीवर, ट्रांसपोर्टर व वाहन चालक को दिए जाने का प्रस्ताव है। ट्रांसपोर्ट व्यापारियों ने कहा कि ई-वे बिल क्लोज करने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्टर व चालक पर डालना अनुचित है। जीएसटी जांच के दौरान वाहनों को रोकने की व्यवस्था से कई दिक्कतें खड़ी हो रही हैं। साथ ही बसों से माल परिवहन पर भी आपत्ति जताई। कार्यक्रम में राज्य कर विभाग की उपायुक्त सुमन चौरसिया, उपायुक्त कुंवर रॉबिंस, सहायक आयुक्त जितेंद्र कुमार गुप्ता, नितिन कुमार, संजय सरोज, राज्य कर अधिकारी शिशिर रंजन सिंह और विशाल चौधरी ने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और कुछ का निस्तारण भी किया। इस मौके पर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह भाटिया, उपाध्यक्ष राम आसरे वर्मा, महामंत्री आचार्य भूपेश गौरव, सदस्य गौरव पांडे सहित लखनऊ गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, ट्रक ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट नगर व्यापार मंडल आदि संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।