अफसरों के संरक्षण में दलालों और ट्रांसपोर्टरों के सिंडीकेट से हर महीने करोड़ों की टैक्स चोरी का माल दूसरे राज्यों से आ रहा है। अधिकतर गाजियाबाद, आगरा व मथुरा के रास्ते आने वाले माल में रेडीमेड, इलेक्ट्रिकल, होजरी, पान मसाला सहित दो दर्जन से ज्यादा उत्पाद शामिल हैं। इसके पीछे दिल्ली, गाजियाबाद और कानपुर के ट्रांसपोर्टरों की भूमिका है।
एक तरफ प्रदेश में टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्ती बरती जा रही वहीं, दूसरी तरफ अन्य राज्यों से आने वाले टैक्स चोरी के उत्पादों की आवक बढ़ गई है। कर चोरी के उत्पादों की आवाजाही पर कुछ अंकुश लगा है लेकिन इसकी भरपाई दिल्ली, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से हो रही है। इसमें कुछ ऐसे कारोबारी भी हैं जो टैक्स चोरी में लिप्त थे लेकिन सख्ती होने पर एक इकाई अन्य राज्यों में खोल ली और वहां से फर्जी ई वे बिलों और बिल बाउचर से माल यूपी भेज रहे हैं।
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सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के लगभग 125 ट्रांसपोर्टरों के सिंडीकेट का संचालन पश्चिमी यूपी का एक चर्चित दलाल कर रहा है। इस 'पूल में कुछ विभागीय अधिकारी भी शामिल हैं। कर चोरी के माल से लटे इन उत्पादों की 'सेफ डिलीवरी' के एवज में हर महीने करोड़ों रुपये ट्रांसपोर्टर देते हैं।
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दूसरा सिंडीकेट गाजियाबाद रूट क जहां से माल आ रहा है। इस सिंडीकेट है, के एक बड़े दलाल के संबंध एक मंत्री स् बताए जाते हैं। यूपी के रास्ते अन्य राज्य में जाने वाले ट्रकों को भी 'सेफ रूट दिया जा रहा है। इस वजह से राज्य के कारोबारियों के सामने भी समस्या खड़ हो गई है क्योंकि उन्हें डर है कि टैक्स चोरी के रास्ते आना वाला माल उनके बाजार में सेंध न लगा दे।