सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक काशी प्रसाद ने परिवहन निगम की बस से बरात को दिल्ली भेजने के लिए बुकिंग की और 40 हजार रुपये किराया चुकाने को कहा तो बराती भड़क गए। दूल्हे ने डग्गामार बस मालिक से किराया मांगा तो उसने मना कर दिया। इसके बाद दूसरी प्राइवेट बस से बरात दिल्ली के लिए रवाना हुई।
बृहस्पतिवार को थी शादी
चेकिंग दस्ते ने जिस डग्गामार बस को पकड़ा उसमें मधुबनी से दिल्ली जा रही बरात के दूल्हे अभिषेक की बृहस्पतिवार यानी 12 दिसंबर को ही शादी थी। लेकिन डग्गामार बस के चक्कर में वह दो घंटे तक लखनऊ में ही फंसे रहे।
बस पकड़े जाने से परेशान दूल्हा
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सुमन कुमार झा उर्फ मधुबनी बिहार निवासी की शादी बृहस्पतिवार को शाम 7 बजे दिल्ली के विकासपुरी में होनी थी। सुमन के पिता अशोक झा मधुबनी से बारात लेकर बस से बुधवार रात 8 बजे निकले थे। अशोक झा ने बताया कि चेकिंग दस्ते ने बस को पकड़ लिया जिसका डेढ़ साल से टैक्स जमा नहीं था।
बस का चालान कटने पर दूल्हा सुमन काफी देर तक गिड़गिड़ाता रहा और बोला, साहब मेरी शादी है, समय से नहीं पहुंचेंगे तो मुहूर्त टल जाएगा और मेरी शादी नहीं हो पाएगी। यही नहीं बराती भी हाथ-पैर जोड़ते रहे पर आरटीओ नहीं पिघले और बस के खिलाफ कार्रवाई कर ही दी।