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Lucknow News: परिवहन आयुक्त ने सपा के पूर्व एमएलसी पर कराया केस

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लखनऊ। परिवहन आयुक्त आईएएस बीएन सिंह की पत्नी मीनल के नाम दर्ज विनीत खंड के प्लॉट पर कब्जे का प्रयास किया गया। बनी बाउंड्री गिराकर प्लॉट को बेचने की कोशिश की गई। मामले में परिवहन आयुक्त ने गोमतीनगर थाने में सपा के पूर्व एमएलसी उदयवीर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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आरोप है कि कब्जे की साजिश उदयवीर सिंह के दिल्ली स्थित आवास पर रची गई थी। बिल्डर शक्ति सिंह, अविनाश सिंह सिंकू और एलडीए के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ भी धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी के मुताबिक विवेचना चल रही है।

परिवहन आयुक्त के मुताबिक नई दिल्ली में वसंत कुंज निवासी उनकी पत्नी मीनल को वर्ष 1977 में एलडीए से प्लॉट आवंटित हुआ था। बीएन सिंह का कहना है कि उनकी पोस्टिंग ज्यादातर दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में रही, जिस कारण वे प्लॉट पर निर्माण नहीं करा सके। पांच माह पहले पड़ोसी ने बताया कि खुद को एलडीए का अफसर बताकर कुछ लोगों ने उनके प्लॉट की बाउंड्री का एक हिस्सा तोड़ दिया है। आरोपियों ने यहां लगे पेड़ भी काट दिए।
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दुस्साहस : दोबारा गिरा दी बाउंड्री

बीएन सिंह ने एलडीए अधिकारियों से संपर्क किया। पता लगाया कि उनके प्लॉट से संबंधित दस्तावेज किसी अन्य को तो नहीं दे दिए गए। एलडीए ने इससे इन्कार किया। इसी बीच परिवहन आयुक्त के पास अमित भटनागर नाम के व्यक्ति ने फोन कर प्लॉट की बिक्री के संबंध में जानकारी मांगी तो उन्होंने मना कर दिया। संदेह होने पर बीएन सिंह ने प्लॉट की बाउंड्री के मुख्य गेट पर प्लॉट बिकाऊ नहीं है... का बोर्ड लगा दिया। साथ ही बाउंड्री का फिर से निर्माण कराने लगे। आरोप है कि खुद का नाम धनंजय सिंह बताते हुए पहुंचा शख्स इसका विरोध करने लगा। वहीं, 11 फरवरी को कुछ लोग आए और बाउंड्री दोबारा गिरा दी और बोर्ड भी हटा दिया। जानकारी करने पर पता चला कि अविनाश ने साथियों के साथ ऐसा किया है।



तैयार किए गए जाली दस्तावेज



परिवहन आयुक्त का कहना है कि उन्होंने मौके पर जाकर छानबीन की। पूछने पर धनंजय सिंह नाम के व्यक्ति ने बताया कि अयोध्या के शक्ति सिंह ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्लॉट खरीदने का प्रयास किया है। धोखाधड़ी की योजना सपा के पूर्व एमएलसी उदयवीर सिंह के दिल्ली स्थित आवास पर बनाई गई। परिवहन आयुक्त के मुताबिक बातचीत की रिकॉर्डिंग उन्होंने पुलिस को सौंपी है।



जमीनों पर कब्जा करने वाले गिरोह की हो जांच

आईएएस बीएन सिंह ने सरकारी अफसरों की मिलीभगत से जमीनों पर कब्जा करने वाले गिरोह की जांच की मांग भी की है। आरोप है कि अविनाश हाल में ही जेल से रिहा हुआ है। शक्ति सिंह ने उनका प्लॉट खरीदने के लिए अग्रिम रकम भी दे दी थी। आईएएस ने प्लॉट से संबंधित कागजात निकालकर देने वाले एलडीए कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की है। आईएएस ने जरूरत पड़ने पर उन्हें और पत्नी को सुरक्षा देने पर विचार करने की बात भी कही है।



वर्जन



मामला मेरी जानकारी में नहीं है। मीडिया से पता चला है। मुझे नहीं पता कि किसने प्लॉट खरीदा या किसे बेचा। जिन पर आरोप है उनसे मेरा कोई सरोकार नहीं है। फोन पर भी मेरी इनसे कभी बात नहीं हुई। सारे आरोप निराधार हैं। पुलिस की विवेचना में सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।
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- उदयवीर सिंह, पूर्व एमएलसी, सपा
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