रायबरेली। निरस्त चल रहीं ट्रेनों का संचालन एक मार्च से पटरी पर लौट आएगा। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी। कोहरे के कारण आठ ट्रेनें दिसंबर से रद्द चल रही हैं। बाकी आठ ट्रेनें प्रतापगढ़ जिले में रेल लाइन दोहरीकरण के कारण पिछले हफ्ते निरस्त की गईं थीं। कई ट्रेनें बदले हुए मार्गों से चल रही हैं।
दिसंबर में कोहरे की वजह से आठ ट्रेनें निरस्त की गईं थीं। इनमें रोजाना वाराणसी और देहरादून के बीच दौड़ने वाली जनता एक्सप्रेस, बरेली और प्रयागराज के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन, हफ्ते में दो दिन नई दिल्ली और मालदा टाउन के बीच फर्राटा भरने वाली एक्सप्रेस ट्रेन, रोजाना प्रयागराज और चंडीगढ़ के बीच फर्राटा भरने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस शामिल है। ऊंचाहार एक्सप्रेस लालगंज-डलमऊ होकर दौड़ती हैं तो बाकी ट्रेनें रायबरेली के रास्ते चलाई जाती हैं। ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को दूसरी ट्रेनों व बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। तीन महीने बाद ये ट्रेनें एक मार्च से चलने लगेंगी।
वहीं लखनऊ-वाराणसी रेल लाइन पर अंतू, जगेशरगंज, चिलबिला, प्रतापगढ़ में दोहरीकरण के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य हो रहा है, जिससे 20 से 28 फरवरी तक ट्रेनों का संचालन ठप है। इस वजह से आठ ट्रेनें निरस्त हैं। इनमें अप और डाउन में चलने वाली लखनऊ और वाराणसी के बीच चलने वाली इंटरसिटी, जौनपुर और रायबरेली के बीच चलने वाली इंटरसिटी, बनारस और लखनऊ के बीच दौड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेन, लखनऊ और प्रयागराज संगम के बीच दौड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। पंजाब मेल, नीलांचल एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस ट्रेनों को दूसरे रास्तों से चलाया जा रहा है। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि सभी ट्रेनें एक मार्च से पटरी पर लौट आएंगी।
नौचंदी साढ़े चार, पंजाब मेल साढ़े तीन घंटे लेट
रविवार को सहारनपुर से प्रयागराज संगम जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे और हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल साढ़े तीन घंटे देर से आई। दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, प्रतापगढ़ से कानपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटे विलंब से पहुंची। अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल और सिंगरौली से टनकपुर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस भी आधे-आधे घंटे देर से आई। इससे यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ा।