लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मृतक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पत्नी की पारिवारिक पेंशन की वसूली पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकलपीठ ने यह आदेश महिला जोखना की याचिका पर दिया। याचिका में पारिवारिक पेंशन वसूली पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि जोखना के पति नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, लखनऊ में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उन्हें 25 हजार रुपये पेंशन मिल रही थी। उनकी 2019 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद पत्नी जोखना को तीन साल तक पूरी पेंशन दी जा रही थी। 2024 में ऑडिट में पता चला कि उन्हें आधी पेंशन दी जानी थी, मगर पूरी पेंशन का भुगतान कर दिया गया है। इसलिए पेंशन कम कर 16 हजार कर दी गई और उस 16 हजार में से हर महीने 5,340 रुपये की वसूली की जाने लगी। इसे याची ने चुनौती दी थी।